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Trump-Xi Jinping की मुलाकात से पहले 4 बड़े मुद्दे, Trade-Tariff से Taiwan और AI तक पर होगी चर्चा; India पर भी असर
 

 

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अमेरिका यात्रा के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनकी अहम मुलाकात होने जा रही है। ट्रंप ने प्रोटोकॉल से हटकर जॉइंट बेस एंड्रयूज पर शी जिनपिंग का स्वागत किया। इस दौरान दोनों नेताओं की पत्नियां मेलानिया ट्रंप और पेंग लियुआन भी मौजूद रहीं।
व्हाइट हाउस में शी जिनपिंग और पेंग लियुआन के सम्मान में स्टेट डिनर आयोजित किया जाएगा। इसके बाद ट्रंप और शी के बीच द्विपक्षीय बातचीत होगी। बातचीत में व्यापार, टैरिफ, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ताइवान और रूस से जुड़े मुद्दे प्रमुख रह सकते हैं।
Trade और Tariff पर नजर
अमेरिका और चीन के बीच लंबे समय से टैरिफ को लेकर विवाद चल रहा है। दोनों देश एक-दूसरे के सामान पर लगाए गए शुल्क में कटौती के रास्ते तलाश रहे हैं। ऊर्जा और कृषि उत्पादों पर शुल्क कम करने के साथ करीब 30-30 अरब डॉलर के सामान पर टैरिफ घटाने को लेकर भी चर्चा हुई है।
मौजूदा टैरिफ समझौते की समयसीमा नजदीक आने के कारण दोनों देशों के बीच आगे की व्यापार नीति महत्वपूर्ण होगी।
AI और टेक्नोलॉजी पर बढ़ती प्रतिस्पर्धा
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अमेरिका और चीन के बीच तकनीकी प्रतिस्पर्धा का एक प्रमुख विषय बन चुका है। अमेरिका चीनी कंपनियों तक एडवांस्ड AI चिप और तकनीक की पहुंच को लेकर सुरक्षा चिंताएं जताता रहा है, जबकि चीन अमेरिकी तकनीकी प्रतिबंधों का विरोध करता है।
दोनों देशों के बीच AI से जुड़े सुरक्षा मुद्दों और तकनीकी सहयोग पर बातचीत का रास्ता तलाशने की कोशिश हो सकती है।


Taiwan पर भी होगी चर्चा
ताइवान को चीन अपना हिस्सा मानता है, जबकि अमेरिका ताइवान की सुरक्षा के लिए समर्थन देता रहा है। ऐसे में यह मुद्दा दोनों देशों के रिश्तों में संवेदनशील बना हुआ है।
ताइवान से जुड़े किसी बड़े फैसले की संभावना को लेकर अभी स्पष्ट जानकारी नहीं है, लेकिन दोनों नेताओं की बातचीत में यह विषय महत्वपूर्ण हो सकता है।
Russia से तेल खरीद पर अमेरिकी दबाव
रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर अमेरिकी दबाव भी बातचीत का हिस्सा बन सकता है। चीन रूस से बड़ी मात्रा में ऊर्जा खरीदता है। अमेरिका की ओर से रूस के ऊर्जा कारोबार पर लगाए जाने वाले संभावित अतिरिक्त टैरिफ को लेकर बीजिंग की प्रतिक्रिया भी अहम होगी।
Trump-Xi की बातचीत का India पर असर
अमेरिका और चीन के बीच टैरिफ और व्यापार नीति में बदलाव का असर वैश्विक सप्लाई चेन पर पड़ सकता है। अगर दोनों देशों के बीच व्यापार तनाव कम होता है तो अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है।
AI चिप्स और सेमीकंडक्टर से जुड़े अमेरिकी-चीनी फैसले भी भारत के लिए महत्वपूर्ण होंगे। वहीं, रूस से तेल खरीद को लेकर अमेरिकी नीति में बदलाव का असर भारत समेत उन देशों पर पड़ सकता है जो रूसी ऊर्जा का आयात करते हैं।
इसलिए Trump-Xi बातचीत के नतीजों पर सिर्फ अमेरिका और चीन ही नहीं, बल्कि भारत समेत कई देशों की नजर रहेगी।