भारतीय राजनयिकों को काबुल भेजने का आग्रह करने से पहले Taliban ने पाक के पूर्व सीओएएस से ली थी सलाह, क्या था वो कारण !
डॉन के मुताबिक, भारत अब गंभीरता से अपनी स्थिति का पुनर्मूल्यांकन कर रहा है और तालिबान के साथ जुड़ने और अफगानिस्तान को स्थिर करने में मदद करने की दिशा में बढ़ रहा है। इस बात पर चर्चा करते हुए कि तालिबान भारत के साथ संबंध सुधारने के लिए उत्सुक क्यों हैं, पुस्तक कहती है कि तालिबान अंतर्राष्ट्रीय वैधता और मान्यता चाहता है।। काबुल के नए शासकों को देश के पुनर्निर्माण और पुनरुद्धार के लिए भारी बाहरी निवेश की आवश्यकता है और भारत के पास ऐसा करने के लिए संसाधन हैं। किताब में तालिबान के अफगानिस्तान में कब्जा जमाने के बाद आईएसआई के पूर्व प्रमुख फैज हामिद की काबुल यात्रा पर भी चर्चा की गई है। इसमें दावा किया गया है कि विदेश मंत्रालय ने उन्हें काबुल में पाकिस्तानी दूतावास में रहने की सलाह दी थी, लेकिन खुफिया प्रमुख ने इसे खारिज कर दिया। बाद में, विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो-जरदारी सहित पाकिस्तानी राजनेताओं के साथ एक बैठक में, उन्होंने यह कहते हुए अपनी कार्रवाई का बचाव किया कि अमेरिकी और चीनी खुफिया प्रमुखों ने भी उस समय काबुल का दौरा किया था। डॉन की खबर के मुताबिक, उन्हें याद दिलाया गया कि काबुल के सेरेना होटल में चाय की चुस्की लेते हुए उनकी तस्वीरें और वीडियो वायरल हो गई थीं।
--आईएएनएस
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