Beaking Update : Russia Ukraine War: तेल रिफाइनरी पर ड्रोन हमले के बाद यूक्रेन में रूसी मिसाइलों की बारिश
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में एक बार फिर हवाई हमलों का सिलसिला तेज होता दिखाई दे रहा है। हाल के दिनों में दोनों देशों की ओर से एक-दूसरे के ऊर्जा और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आई हैं। इसी क्रम में यूक्रेन के ड्नीप्रो समेत कई इलाकों में रूसी हमलों की सूचना मिली, जबकि रूस ने मॉस्को क्षेत्र में हुए बड़े ड्रोन हमले के बाद कई यूक्रेनी इलाकों में जवाबी कार्रवाई की।
20 सितंबर को मॉस्को क्षेत्र में यूक्रेन की ओर से बड़े पैमाने पर ड्रोन हमला किया गया। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन के मुताबिक, रूस ने 19 सितंबर से अब तक 1,600 से अधिक यूक्रेनी ड्रोन को इंटरसेप्ट किया, जिनमें करीब 450 ड्रोन मॉस्को की ओर बढ़ रहे थे। रूसी अधिकारियों ने इसे मॉस्को क्षेत्र पर अब तक के सबसे बड़े ड्रोन हमलों में से एक बताया।
मॉस्को क्षेत्र में जान-माल का नुकसान
रूसी अधिकारियों के अनुसार हमलों में मॉस्को क्षेत्र में तीन लोगों की मौत हुई, जबकि कई अन्य घायल हुए। कुछ रिहायशी इलाकों में भी ड्रोन गिरने से नुकसान की जानकारी सामने आई। एक बहुमंजिला इमारत से करीब 400 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाले जाने की बात भी अधिकारियों ने कही।
हमले के दौरान मॉस्को में कई स्थानों पर आग और धुएं के गुबार दिखाई दिए। रूस के अधिकारियों ने कुछ इलाकों में ड्रोन हमलों के कारण आग लगने की पुष्टि की।
तेल रिफाइनरी पर भी असर
मॉस्को की एक प्रमुख तेल रिफाइनरी भी हमले की चपेट में आई। रूसी अधिकारियों ने बताया कि रिफाइनरी के एक हिस्से को नुकसान पहुंचा। बाद की रिपोर्टों के मुताबिक, हमले के बाद रिफाइनरी में कच्चे तेल का प्रसंस्करण रोक दिया गया था। Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, रिफाइनरी की कुछ प्रमुख प्रोसेसिंग यूनिट प्रभावित हुईं और मरम्मत में कई सप्ताह लग सकते हैं।
यह रिफाइनरी रूस के प्रमुख ईंधन उत्पादन केंद्रों में शामिल है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इस संयंत्र ने 2024 में करीब 11.6 मिलियन टन कच्चे तेल का प्रसंस्करण किया था।
यूक्रेन में भी रूसी हमले जारी
इसी दौरान रूस की ओर से यूक्रेन पर भी ड्रोन और मिसाइल हमले जारी रहे। इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर के अनुसार 19-20 सितंबर की रात रूस ने यूक्रेन के खिलाफ 138 ड्रोन लॉन्च किए, जिनमें से यूक्रेन ने 101 को मार गिराने का दावा किया। ड्नीप्रो, क्रिवी रिह, कीव और अन्य इलाकों में आवासीय, व्यावसायिक और परिवहन ढांचे को नुकसान की रिपोर्ट सामने आई।
यूक्रेनी अधिकारियों ने हाल के रूसी हमलों में कई लोगों के मारे जाने की जानकारी भी दी है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हमले जारी रखे हुए हैं और नागरिक तथा बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान की अलग-अलग रिपोर्ट सामने आ रही हैं।
ऊर्जा ढांचे पर हमले बने अहम मोर्चा
रूस-यूक्रेन युद्ध में ऊर्जा ढांचा लगातार हमलों का प्रमुख निशाना बना हुआ है। तेल रिफाइनरी, ईंधन भंडारण केंद्र और अन्य ऊर्जा सुविधाओं पर हमलों का असर दोनों देशों की ईंधन आपूर्ति और औद्योगिक गतिविधियों पर पड़ सकता है।
मॉस्को रिफाइनरी पर हमले के बाद उसके संचालन पर असर पड़ने की खबर सामने आई है। वहीं यूक्रेन भी लंबे समय से रूस की ऊर्जा अवसंरचना को निशाना बनाने की रणनीति अपना रहा है।
युद्ध के बीच हमले और कूटनीतिक प्रयास साथ-साथ
हालिया हमले ऐसे समय हुए हैं जब ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमलों को रोकने को लेकर अमेरिका की ओर से भी पहल की बात सामने आई थी। हालांकि जमीन पर दोनों पक्षों के बीच हमले जारी हैं।
मॉस्को पर हुए ड्रोन हमले को रूसी अधिकारियों ने संसदीय चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश बताया, जबकि यूक्रेन की ओर से हमले के उद्देश्य पर अलग दृष्टिकोण सामने आया है। इस बीच रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष में लंबी दूरी के ड्रोन और मिसाइल हमले युद्ध का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बने हुए हैं।