अमेरिका-ईरान तनाव के बीच चाबहार पोर्ट पर हमला, फुटेज में जाने भारत के निवेश वाले बंदरगाह का कंट्रोल टावर क्षतिग्रस्त; बढ़ी चिंता
अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव अब भारत के लिए भी चिंता का कारण बनता जा रहा है। अमेरिका ने शुक्रवार रात लगातार छठी बार ईरान पर एयरस्ट्राइक की। इस हमले में भारत के निवेश वाले रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण चाबहार पोर्ट को भी निशाना बनाया गया। हमले के दौरान पोर्ट के कंट्रोल टावर को नुकसान पहुंचा है।
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने चाबहार पोर्ट के कंट्रोल टावर के क्षतिग्रस्त होने की तस्वीर भी साझा की है। वहीं, ईरानी समाचार एजेंसी मेहर ने भी चाबहार पोर्ट और कंट्रोल टावर पर अमेरिकी हमले की पुष्टि की है। बताया जा रहा है कि पिछले एक सप्ताह में इस टावर पर यह तीसरा हमला है।
अमेरिकी सेना ने कई ईरानी ठिकानों को बनाया निशाना
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर फाइटर जेट, ड्रोन और युद्धपोतों के जरिए हमले किए गए। अमेरिकी सेना ने बताया कि इन हमलों में ईरान के तटीय निगरानी केंद्र, एयर डिफेंस सिस्टम, सैन्य लॉजिस्टिक्स और समुद्री सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।CENTCOM का कहना है कि इन अभियानों का उद्देश्य ईरानी सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है। हालांकि, ईरान की ओर से इन हमलों को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है।
भारत के लिए क्यों अहम है चाबहार पोर्ट?
ईरान के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में स्थित चाबहार पोर्ट भारत के लिए रणनीतिक और व्यापारिक लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। भारत ने इसके विकास में बड़ा निवेश किया है और इसका संचालन भारतीय कंपनी इंडिया पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड कर रही है।चाबहार बंदरगाह भारत को पाकिस्तान को दरकिनार करते हुए अफगानिस्तान और मध्य एशियाई देशों तक व्यापारिक पहुंच उपलब्ध कराता है। यह पोर्ट भारत की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और व्यापारिक रणनीति का अहम हिस्सा है।
हमले के बाद बढ़ी सुरक्षा चिंता
चाबहार पोर्ट पर हुए हमले से भारत की रणनीतिक परियोजनाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, अभी तक भारत सरकार की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर क्षेत्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ सकता है। चाबहार पोर्ट भारत के लिए सिर्फ एक व्यापारिक केंद्र नहीं, बल्कि भू-राजनीतिक दृष्टि से भी अहम स्थान रखता है।
अमेरिका-ईरान संघर्ष का बढ़ता दायरा
अमेरिका और ईरान के बीच पिछले कुछ समय से तनाव लगातार बढ़ रहा है। दोनों देशों के बीच सैन्य गतिविधियां तेज होने के बाद अब संघर्ष का असर रणनीतिक क्षेत्रों तक पहुंचता दिख रहा है।चाबहार पोर्ट पर हमले की खबर ऐसे समय आई है, जब भारत इस क्षेत्र में अपनी आर्थिक और कूटनीतिक मौजूदगी को मजबूत करने में जुटा है। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि भारत इस घटनाक्रम पर क्या रुख अपनाता है और आगे की रणनीति क्या होगी।