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कराची में हमला करने के लिए तैयार थी भारतीय नेवी, DGNO वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर किया बड़ा खुलासा

 

भारत की तीनों सेनाओं ने 7 मई को पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में 9 आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ की गई अपनी कार्रवाई की जानकारी देने के लिए रविवार को एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में नौसेना संचालन महानिदेशक (डीजीएनओ) वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने कहा कि भारतीय नौसेना 9 मई की रात को पाकिस्तान के सैन्य प्रतिष्ठानों, कराची बंदरगाह और उसकी जमीन सहित उसकी समुद्री सीमा पर चयनित लक्ष्यों को निशाना बनाकर नष्ट करने के लिए पूरी तरह तैयार है, बस भारत सरकार के निर्देश का इंतजार है। वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने कहा कि भारतीय नौसेना यह सब करने में पूरी तरह सक्षम है।

ऑपरेशन सिंदूर पर तीनों सेनाओं की संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने कहा, '22 अप्रैल को पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादियों द्वारा जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में निर्दोष पर्यटकों पर किए गए कायराना हमलों के बाद, भारतीय नौसेना ने तुरंत अपने कर्मियों, युद्धपोतों, पनडुब्बियों और लड़ाकू विमानों को पूरी युद्ध तत्परता के साथ समुद्र में तैनात कर दिया था। हमने आतंकवादी हमले के 96 घंटों के भीतर अरब सागर में अपने हथियारों और युद्धपोतों की तत्परता का परीक्षण किया और हमारे बलों को उत्तरी अरब सागर में दुश्मन के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई के लिए पूरी तत्परता और क्षमता के साथ तैनात किया गया, ताकि हमारे द्वारा चुने गए समय पर कराची सहित समुद्र और जमीन पर दुश्मन के चुनिंदा ठिकानों पर हमला किया जा सके।'

डीजीएनओ ने कहा, 'भारतीय नौसेना ने पाकिस्तानी नौसेना और उसकी हवाई इकाइयों को रक्षात्मक मुद्रा में रहने के लिए मजबूर किया, जो ज्यादातर बंदरगाहों के अंदर या तट के बहुत करीब थी, जिस पर हमने लगातार नजर रखी। हमारी प्रतिक्रिया पहले दिन से ही नपी-तुली, आनुपातिक और जिम्मेदार रही है। भारतीय नौसेना पाकिस्तान की किसी भी शत्रुतापूर्ण कार्रवाई का निर्णायक ढंग से जवाब देने के लिए समुद्र में तैनात है।' 7 मई को भारतीय सेना और वायुसेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के अंदर 9 आतंकवादी ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिसमें जैश, लश्कर और हिजबुल मुजाहिदीन के 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए।

आपको बता दें कि 22 अप्रैल को पहलगाम की बैसरन घाटी में पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने 26 पर्यटकों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस आतंकवादी हमले का बदला लेने के लिए भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। भारतीय सेना और वायु सेना ने सटीक हवाई और जमीनी हमले किए तथा पाकिस्तान में आतंकवादी बुनियादी ढांचे के एक बड़े हिस्से को नष्ट कर दिया, जबकि नौसेना पूरे ऑपरेशन के दौरान स्टैंडबाय पर रही। हवाई हमलों में आतंकी ठिकानों के तबाह होने से बौखलाए पाकिस्तान ने 8 मई की रात को भारत पर ड्रोन और मिसाइलों से हमला करने की कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो सका।

भारत की वायु रक्षा प्रणाली ने पाकिस्तान द्वारा हवा में दागी गई मिसाइलों और ड्रोनों को बेअसर कर दिया। इस बीच, पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण रेखा और अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर गोलीबारी जारी रखी तथा रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया। भारतीय सेना और बीएसएफ ने पाकिस्तान की गोलीबारी का दोगुनी ताकत से जवाब दिया। इस जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के 40 सैनिक और अधिकारी मारे गए। इस पूरी घटना में भारत के पांच जवान भी शहीद हो गए। प्रधानमंत्री मोदी समेत सरकार के कई शीर्ष नेताओं द्वारा इस कायराना हमले का मुंहतोड़ जवाब देने की कसम खाने के बाद नौसेना समेत तीनों सेनाएं दुश्मन पर गोलियां चलाने के लिए तैयार थीं।