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अमेरिका ने वेनेजुएला से तेल ले जा रहे दो टैंकर किए जब्त, वीडियो में जानें और गहराया रूस-अमेरिका तनाव 

 

अमेरिका और रूस के बीच पहले से जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच एक और बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिका ने बुधवार को वेनेजुएला से तेल खरीदने जा रहे दो टैंकरों को जब्त कर लिया। न्यूज एजेंसी रशिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से एक टैंकर रूस का है, जिसका नाम मैरिनेरा बताया गया है, जबकि दूसरे टैंकर का नाम सोफिया है। सोफिया पर पनामा का झंडा लगा हुआ है, हालांकि यह जहाज किस देश का है, इसकी आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हो पाई है।

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जानकारी के मुताबिक, अमेरिकी नौसेना ने रूसी झंडे वाले तेल टैंकर मैरिनेरा को उत्तरी अटलांटिक महासागर में रोका और जब्त किया, जबकि दूसरा टैंकर सोफिया को कैरिबियन सागर में पकड़ा गया। दोनों टैंकरों की गिरफ्तारी कुछ ही घंटों के अंतराल में की गई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह कार्रवाई एक पूर्व नियोजित सैन्य अभियान का हिस्सा थी।

रिपोर्ट में बताया गया है कि ये दोनों टैंकर वेनेजुएला से कच्चा तेल लोड करने जा रहे थे। इस तेल को बाद में चीन या अन्य देशों तक पहुंचाया जाना था। गौरतलब है कि अमेरिका ने वेनेजुएला और रूस दोनों पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए हुए हैं। ऐसे में अमेरिका की यह कार्रवाई प्रतिबंधों के सख्त पालन के तौर पर देखी जा रही है।

रशिया टुडे के अनुसार, अमेरिका पिछले दो हफ्तों से रूसी टैंकर मैरिनेरा पर नजर बनाए हुए था। अमेरिकी सैनिक लगातार इस जहाज का पीछा कर रहे थे और सही मौके की तलाश में थे। जैसे ही जहाज अंतरराष्ट्रीय जल सीमा में पहुंचा, अमेरिकी नौसेना ने उसे घेरकर कब्जे में ले लिया।

इस कार्रवाई के बाद रूस की ओर से भी प्रतिक्रिया देखने को मिली। रिपोर्ट के मुताबिक, रूस ने अपने जहाज की सुरक्षा के लिए सबमरीन और अन्य नौसैनिक जहाज मौके की ओर रवाना किए थे। हालांकि, तमाम कोशिशों के बावजूद रूस अपने टैंकर को अमेरिकी कार्रवाई से बचाने में सफल नहीं हो सका। यह घटना रूस के लिए कूटनीतिक और रणनीतिक रूप से एक बड़ा झटका मानी जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका की यह कार्रवाई केवल तेल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे व्यापक रणनीतिक संदेश भी छिपा हुआ है। अमेरिका एक बार फिर यह संकेत देना चाहता है कि वह वेनेजुएला और रूस के साथ किसी भी प्रकार के प्रतिबंध उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं करेगा। वहीं, चीन जैसे देशों को भी अप्रत्यक्ष रूप से चेतावनी दी जा रही है कि प्रतिबंधित देशों से ऊर्जा संसाधनों की खरीद पर सख्ती बढ़ाई जा सकती है।

फिलहाल, दोनों टैंकरों और उनके चालक दल की स्थिति को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, इस घटना ने वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई हलचल जरूर पैदा कर दी है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर अमेरिका, रूस और वेनेजुएला के बीच बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।