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Albania Protest: अल्बानिया में छात्रों का उग्र प्रदर्शन, PM ऑफिस के बाहर कुर्सियों में लगाई आग; रामा से इस्तीफे की मांग

 

अल्बानिया में प्रधानमंत्री एडी रामा की सरकार के खिलाफ छात्रों और युवाओं का प्रदर्शन तेज हो गया है। रविवार को प्रदर्शनकारियों ने राजधानी तिराना में प्रधानमंत्री कार्यालय के बाहर रखी कुर्सियों में आग लगा दी। इन कुर्सियों को सरकार की ओर से छात्रों के साथ बातचीत के प्रस्ताव के प्रतीक के तौर पर रखा गया था। कुर्सियों पर ‘डायलॉग’ लिखा था, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने इस प्रस्ताव को खारिज करते हुए उन पर ‘इस्तीफा’ लिख दिया।

छात्र और युवा पिछले 13 दिनों से सड़कों पर उतरकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार, रोजगार के अवसर बढ़ाने और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की मांग कर रहे हैं।

शिक्षा मंत्रालय के बाहर भी प्रदर्शन, इमारत पर पत्थर फेंके

रविवार को प्रदर्शनकारी पहले शिक्षा मंत्रालय के बाहर जमा हुए। यहां उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और कुछ देर बाद इमारत पर पत्थर फेंके। इसके बाद भीड़ प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर बढ़ गई, जहां कुर्सियों में आग लगा दी गई।

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में विश्वविद्यालयों में बेहतर सुविधाएं, शिक्षा का खर्च कम करना, छात्रों को आर्थिक सहायता देना और पढ़ाई पूरी करने के बाद युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना शामिल है। इसके अलावा, प्रदर्शनकारी भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच और प्रधानमंत्री एडी रामा के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

जेरेड कुशनर की लग्जरी रिसॉर्ट परियोजना का भी विरोध

सरकार के खिलाफ नाराजगी केवल शिक्षा और रोजगार तक सीमित नहीं है। भ्रष्टाचार के आरोपों के साथ-साथ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर से जुड़ी लग्जरी पर्यटन परियोजना भी विवाद का विषय बनी हुई है।

प्रस्तावित योजनाओं में एड्रियाटिक सागर के सान्जान द्वीप और दक्षिणी अल्बानिया के व्योसा-नार्ता तटीय क्षेत्र में पर्यटन विकास शामिल है। परियोजनाओं के तहत लग्जरी होटल, विला, अपार्टमेंट और नौकाओं के लिए बंदरगाह जैसी सुविधाएं विकसित करने की योजना बताई गई है।

पर्यावरण संगठनों को आशंका है कि बड़े पैमाने पर निर्माण से समुद्र तटों, आर्द्रभूमि और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास प्रभावित हो सकते हैं। व्योसा-नार्ता क्षेत्र में फ्लेमिंगो सहित कई पक्षी प्रजातियां और समुद्री जीव पाए जाते हैं। इसी वजह से परियोजना को लेकर पर्यावरण संरक्षण से जुड़े सवाल भी उठ रहे हैं।

हिंसा रोकने के लिए नए कानूनी कदम उठाएंगे रामा

प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ की घटनाओं के बीच प्रधानमंत्री एडी रामा ने सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी उपाय लाने की घोषणा की है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत हिंसा से प्रभावित कारोबारियों को मुआवजा देने की बात कही गई है। छोटे कारोबारियों को नुकसान की पूरी भरपाई और बड़े कारोबारियों को 70 प्रतिशत मुआवजा देने का प्रस्ताव है।

रामा के मुताबिक, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से ही उसकी भरपाई कराई जानी चाहिए, न कि जनता के टैक्स से। प्रस्तावित नियमों में हिंसक भीड़ के बीच मौजूद रहने और नुकसान की घटनाओं से जुड़े लोगों पर 5 लाख लेक तक जुर्माने का प्रावधान भी बताया गया है। नाबालिगों के मामले में उनके माता-पिता पर जिम्मेदारी डाली जा सकती है।

हालांकि, पत्रकारों, डॉक्टरों, निगरानी के लिए मौजूद लोगों, ड्यूटी पर तैनात सरकारी कर्मचारियों और वहां से गुजरने वाले लोगों को प्रस्तावित नियमों से छूट देने की बात कही गई है।

शिक्षा, भ्रष्टाचार और पर्यावरण बने विरोध के बड़े मुद्दे

अल्बानिया में जारी आंदोलन अब शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग से आगे बढ़कर भ्रष्टाचार, रोजगार, पर्यावरण और सरकार की जवाबदेही जैसे मुद्दों से जुड़ गया है। एक ओर प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार हिंसा और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए नए नियम लाने की तैयारी में है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत का कोई रास्ता निकलता है या आंदोलन और तेज होता है।