ईरान-इजराइल-अमेरिका संघर्ष का 31वां दिन, मशहद एयरपोर्ट पर खड़ा विमान अमेरिकी हमले में क्षतिग्रस्त, EU ने ईरान पर प्रतिबंध एक साल बढ़ाए
पश्चिम एशिया में जारी ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच तनावपूर्ण संघर्ष का आज 31वां दिन है और हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। ताजा घटनाक्रम में ईरान के मशहद एयरपोर्ट पर खड़ा एक यात्री एवं कार्गो विमान अमेरिकी हमले में क्षतिग्रस्त हो गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार यह विमान Mahan Air का था और इसका गंतव्य नई दिल्ली बताया जा रहा था। जानकारी के मुताबिक, यह विमान Mashhad International Airport पर खड़ा था, जहां इसे कथित तौर पर मानवीय सहायता मिशन के लिए तैयार किया जा रहा था। विमान का उद्देश्य भारत से दवाइयों और अन्य जरूरी राहत सामग्री लेकर वापस ईरान लौटना था। हमले के बाद विमान के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचने की पुष्टि हुई है, हालांकि अभी तक किसी बड़े हताहत की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
इस घटना ने संघर्ष को एक नए मोड़ पर पहुंचा दिया है, क्योंकि अब नागरिक और राहत उड़ानों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। ईरानी अधिकारियों ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया देने की बात कही है।
यूरोपीय संघ का बड़ा फैसला
इसी बीच, यूरोप की प्रमुख राजनीतिक और आर्थिक संस्था European Union ने ईरान पर लगे मानवाधिकार संबंधी प्रतिबंधों को एक और वर्ष के लिए बढ़ा दिया है। अब ये प्रतिबंध 13 अप्रैल 2027 तक लागू रहेंगे। EU के अनुसार, यह कदम ईरान में मानवाधिकारों की स्थिति और कथित दमनात्मक नीतियों को देखते हुए उठाया गया है। इन प्रतिबंधों के तहत सूचीबद्ध व्यक्तियों और संस्थाओं को यूरोपीय देशों की यात्रा करने की अनुमति नहीं होगी, और उनकी संपत्तियों को जब्त या फ्रीज किया जा सकता है। इसके अलावा, EU ने यह भी स्पष्ट किया है कि ईरान को ऐसे उपकरणों और तकनीकों के निर्यात पर रोक जारी रहेगी, जिनका उपयोग निगरानी या जनता को नियंत्रित करने के लिए किया जा सकता है। यह निर्णय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहले से चल रहे दबाव को और बढ़ाने वाला माना जा रहा है।
क्षेत्रीय तनाव और बढ़ने की आशंका
ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच जारी इस संघर्ष ने पूरे पश्चिम एशिया को अस्थिर कर दिया है। लगातार सैन्य कार्रवाइयों और जवाबी हमलों के बीच नागरिक उड़ानों और राहत मिशनों पर भी असर पड़ने लगा है, जिससे मानवीय संकट की आशंका गहराती जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस तरह की घटनाएं जारी रहती हैं तो यह संघर्ष और व्यापक रूप ले सकता है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, विमानन सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
भारत और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता
नई दिल्ली के लिए जा रहे विमान से जुड़ी घटना ने भारत में भी चिंता बढ़ा दी है, खासकर इसलिए क्योंकि यह मानवीय सहायता से जुड़ा मिशन बताया जा रहा था। अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब इस पूरे घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए है और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की जा रही है। फिलहाल, स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है और आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि संघर्ष किस दिशा में आगे बढ़ता है और क्या कूटनीतिक प्रयासों से तनाव कम किया जा सकता है या नहीं।