पाकिस्तान में प्राइवेट स्कूल की छत गिरने से 29 की मौत, फुटेज में देंखे 28 मासूम छात्रों की गई जान; 40 से ज्यादा घायल
पाकिस्तान के पेशावर में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ। यहां दीर कॉलोनी इलाके में एक प्राइवेट स्कूल की छत गिरने से 29 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में 28 छात्र और एक महिला टीचर शामिल हैं। हादसे में 40 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। मृतक बच्चों की उम्र 13 साल या उससे कम बताई गई है। घटना के बाद घायलों के इलाज के लिए अस्पताल में इमरजेंसी घोषित कर दी गई है।
हादसे के बाद अस्पताल में इमरजेंसी घोषित
स्कूल की छत गिरने की घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे में घायल लोगों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घायलों की संख्या को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने इमरजेंसी व्यवस्था लागू कर दी है।अस्पताल के ट्रॉमा वार्ड में डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों को तैनात किया गया है, ताकि घायलों को जल्द से जल्द चिकित्सा सुविधा मिल सके। अधिकारियों की ओर से बचाव अभियान में तेजी लाने और प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाने के प्रयास किए गए।
मृतकों में 28 छात्र और महिला टीचर शामिल
इस हादसे में सबसे ज्यादा नुकसान बच्चों को हुआ है। जानकारी के मुताबिक, जान गंवाने वाले 28 छात्र 13 साल या उससे कम उम्र के थे। एक महिला टीचर की भी मौत हुई है। इतनी कम उम्र के बच्चों की मौत से इलाके में शोक का माहौल है।हादसे में 40 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है। घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल में अतिरिक्त डॉक्टरों और कर्मचारियों को लगाया गया है। हालांकि, छत गिरने के सटीक कारणों को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने जताया दुख
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हादसे में हुई मौतों पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और इस कठिन समय में उन्हें हिम्मत देने की प्रार्थना की। प्रधानमंत्री ने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की।शहबाज शरीफ ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि घायलों के इलाज में किसी तरह की कमी नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने और बचाव अभियान में तेजी लाने को कहा।
हादसे के कारणों की जानकारी का इंतजार
पेशावर के दीर कॉलोनी इलाके में हुई इस घटना ने स्कूलों की इमारतों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, हादसे के कारणों और स्कूल की इमारत की स्थिति के बारे में अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।फिलहाल राहत और चिकित्सा व्यवस्था पर ध्यान दिया जा रहा है। हादसे में अपने बच्चों और परिजनों को खोने वाले परिवारों के लिए यह बेहद दुखद समय है। अधिकारियों की ओर से घायलों को इलाज उपलब्ध कराने और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।