ईरान-अमेरिका-इजराइल युद्ध का 16वां दिन, वीडियो में देखें ईरान ने बातचीत के संकेत दिए, नेतन्याहू को लेकर दी बड़ी धमकी
मध्य-पूर्व में जारी अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच संघर्ष का आज 16वां दिन है। लगातार बढ़ते तनाव और हमलों के बीच ईरान की ओर से पहली बार बातचीत के संकेत मिले हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि अगर युद्ध समाप्त करने की ठोस गारंटी दी जाती है तो ईरान अमेरिका और इजराइल के साथ बातचीत करने के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि ईरान किसी भी ऐसे प्रस्ताव का स्वागत करेगा जिससे मौजूदा युद्ध समाप्त हो सके और क्षेत्र में शांति बहाल हो। अराघची के इस बयान को कूटनीतिक स्तर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पिछले कई दिनों से दोनों पक्षों के बीच सैन्य हमले और बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है।
दूसरी ओर खाड़ी देशों ने भी इस संघर्ष को लेकर चिंता जताई है। खाड़ी क्षेत्र के कई देशों ने ईरान से अपील की है कि वह उनके इलाकों पर किसी भी तरह के हमले को तुरंत बंद करे। उनका कहना है कि इस युद्ध का असर पूरे मध्य-पूर्व की स्थिरता और सुरक्षा पर पड़ सकता है।
इसी बीच ईरान की शक्तिशाली सैन्य इकाई Islamic Revolutionary Guard Corps ने इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu को लेकर कड़ा बयान दिया है। संगठन ने नेतन्याहू को ढूंढकर मारने की धमकी दी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आईआरजीसी ने कहा कि यदि नेतन्याहू जीवित हैं तो उन्हें ढूंढने के लिए पूरी ताकत झोंक दी जाएगी। संगठन ने आरोप लगाया कि इजराइल की सैन्य कार्रवाई में कई निर्दोष लोगों और बच्चों की मौत हुई है, जिसके लिए नेतन्याहू जिम्मेदार हैं।
इस बयान के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे बयानों से हालात और भड़क सकते हैं। हालांकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार दोनों पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक रास्ता अपनाने की अपील कर रहा है।
पिछले दो हफ्तों से अधिक समय से जारी इस संघर्ष में कई बार मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबरें सामने आई हैं। इससे मध्य-पूर्व के कई देशों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और वैश्विक व्यापार पर भी इसका असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
यदि जल्द ही कूटनीतिक समाधान नहीं निकला तो यह युद्ध और बड़े क्षेत्रीय संकट में बदल सकता है। फिलहाल दुनिया भर की नजरें मध्य-पूर्व की स्थिति पर टिकी हुई हैं और सभी को उम्मीद है कि बातचीत के जरिए इस संघर्ष को खत्म करने का रास्ता निकलेगा।