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सहारनपुर की दिशा बैठक में भिड़े इमरान मसूद और आशु मलिक, सवाल पूछने पर गरमाया माहौल
 

 


उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक के दौरान कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और समाजवादी पार्टी के विधायक आशु मलिक के बीच तीखी नोकझोंक का मामला सामने आया है। बैठक में सवाल पूछने और अपनी बात रखने के तरीके को लेकर दोनों नेताओं के बीच बहस हो गई। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। 


सवाल पूछने को लेकर शुरू हुई बहस

रिपोर्टों के मुताबिक, बैठक में सहारनपुर देहात से विधायक आशु मलिक ने बेहड़ा संदल गांव में सड़क और अधूरे नाले से जुड़ी समस्या का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि सड़क बनने के बाद नाला अधूरा रह गया, जिसके कारण आसपास के खेतों और कब्रिस्तान में पानी जाने की समस्या हो रही है। 

जब कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और सपा विधायक आशु मलिक की दिशा बैठक में बहस: देखिये किसने क्या कहा...

'आप चेयर से अनुमति लेकर पुछे..सवाल मेरा है के नहीं'
यूपी के सहारनपुर में दिशा की बैठक में सपा विधायक आशु मलिक और सांसद इमरान मसूद आपस में भीड़ गए। आशु मलिक जनता की समस्या पर सवाल… pic.twitter.com/wGodhzbtDn

— आदित्य तिवारी / Aditya Tiwari (@aditytiwarilive) August 19, 2026



इसी दौरान सवाल पूछने के तरीके और बैठक के नियमों को लेकर इमरान मसूद और आशु मलिक के बीच बहस शुरू हो गई। मसूद ने बैठक के नियमों के अनुसार चेयर से अनुमति लेकर बोलने की बात कही, जबकि मलिक ने कहा कि सवाल उनका है और वह अधिकारी के जवाब से संतुष्ट नहीं हैं। 


‘हम जनता के लिए आए हैं, चाय पकौड़ी खाने नहीं’

बहस के दौरान माहौल उस समय और गरमा गया जब आशु मलिक ने कहा कि जनप्रतिनिधि जनता की समस्याएं उठाने के लिए बैठक में आए हैं, चाय-पकौड़ी खाने के लिए नहीं। इस पर इमरान मसूद ने जवाब दिया कि चाय-पकौड़ी कौन खिला रहा है और बैठक को नियमों के अनुसार चलने देने की बात कही। 


कुछ देर तक दोनों नेताओं के बीच तीखे अंदाज में बातचीत होती रही। हालांकि, बाद में संबंधित अधिकारी को मामले की जानकारी देने और विधायक को एक सप्ताह के भीतर बिंदुवार जवाब उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। 


बाद में दोनों नेताओं ने विवाद को बताया सामान्य

घटना का वीडियो वायरल होने के बाद इमरान मसूद ने इसे किसी बड़े विवाद के रूप में पेश करने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि बैठक की अध्यक्षता करना उनकी जिम्मेदारी थी और सभी जनप्रतिनिधियों को अपनी बात रखने का मौका मिलना चाहिए। उनके मुताबिक, पहले एक व्यक्ति को अपनी बात पूरी करनी चाहिए और उसके बाद दूसरा सदस्य अपना मुद्दा रखे। उन्होंने आशु मलिक को अपना दोस्त भी बताया। 

वहीं, आशु मलिक ने भी इस घटना को कांग्रेस-सपा गठबंधन से जोड़ने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि अपनी बात रखने के दौरान इस तरह की बहस कर सकते हैं और हर विधायक या सांसद अपने क्षेत्र की जनता की समस्याओं को ज्यादा से ज्यादा उठाना चाहता है। 
 

फिलहाल, दिशा बैठक में दोनों नेताओं के बीच हुई यह नोकझोंक सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। वीडियो में नजर आ रही तीखी बातचीत ने राजनीतिक हलकों में भी हलचल बढ़ा दी है, हालांकि दोनों नेताओं ने बाद में इसे किसी बड़े विवाद के तौर पर खारिज किया है।