VIDEO बीसलपुर बांध का इतिहास, कैसे बना राजस्थान की लाइफलाइन VIDEO जयपुर समेत कई शहरों की बुझाता है प्यास
राजस्थान जैसे पानी की कमी वाले राज्य में बड़े जलाशयों का महत्व किसी से छिपा नहीं है। टोंक जिले में बनास नदी पर बना बीसलपुर बांध आज प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण जल परियोजनाओं में शामिल है। यह बांध न केवल सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराता है, बल्कि राजस्थान की राजधानी जयपुर सहित कई शहरों और जिलों की पेयजल जरूरतों को पूरा करने में भी अहम भूमिका निभाता है। राजस्थान पर्यटन विभाग इसे जयपुर की लाइफलाइन के रूप में भी पहचानता है।
1999 में पूरा हुआ था बांध
बीसलपुर बांध का निर्माण राजस्थान सरकार की बड़ी जल परियोजनाओं के तहत किया गया था। बांध का निर्माण कार्य 1990 के दशक में हुआ और वर्ष 1999 में यह परियोजना पूरी हुई। यह टोंक जिले में देवली के पास बनास नदी पर स्थित है। बांध को मुख्य रूप से सिंचाई और पेयजल आपूर्ति के उद्देश्य से विकसित किया गया था।
बीसलपुर एक ग्रेविटी डैम है। इसकी लंबाई करीब 574 मीटर है और इसकी अधिकतम ऊंचाई लगभग 40 मीटर बताई जाती है। विशाल जलाशय में जमा पानी आसपास के क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण जल स्रोत बन चुका है।
जयपुर के लिए क्यों है खास
बीसलपुर बांध की सबसे बड़ी पहचान जयपुर की पेयजल व्यवस्था से जुड़ी है। राजस्थान पर्यटन विभाग के अनुसार बांध से जयपुर नगर निगम क्षेत्र के करीब आधे हिस्से को पानी मिलता है। इसके अलावा अजमेर और टोंक समेत कई क्षेत्रों में भी इसका पानी पहुंचता है। जयपुर जैसे तेजी से बढ़ते शहर के लिए बीसलपुर का पानी बेहद महत्वपूर्ण है। गर्मियों में जब पानी की मांग बढ़ती है, तब इस बांध के जल स्तर पर पूरे प्रदेश की नजर रहती है।
सिंचाई के लिए भी महत्वपूर्ण
बीसलपुर बांध केवल शहरों की प्यास नहीं बुझाता। इसके पानी से टोंक और सवाई माधोपुर क्षेत्र में सिंचाई की जरूरतों को भी पूरा किया जाता है। बांध से जुड़ी नहर प्रणाली ने कृषि क्षेत्र के लिए पानी उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इस परियोजना ने उन इलाकों में किसानों को भी फायदा पहुंचाया जहां खेती के लिए पानी की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती रही है।
पानी से जुड़ी बड़ी परियोजनाओं का केंद्र
समय के साथ बीसलपुर से जुड़े पेयजल नेटवर्क का विस्तार हुआ। राजस्थान सरकार के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अनुसार बीसलपुर-टोंक-उनियारा जलापूर्ति परियोजना के जरिए टोंक जिले के तीन कस्बों और 464 ग्रामीण गांवों तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाने की योजना लागू की गई है।
सिर्फ बांध नहीं, पर्यटन स्थल भी
बीसलपुर बांध के आसपास का प्राकृतिक वातावरण भी लोगों को आकर्षित करता है। राजस्थान पर्यटन विभाग के अनुसार यहां बड़ी संख्या में पक्षियों की प्रजातियां देखी जा सकती हैं और आसपास के क्षेत्र में वन्यजीव तथा प्राकृतिक सुंदरता भी मौजूद है। बांध के आसपास पर्यटन गतिविधियों की भी संभावनाएं हैं।
आज बीसलपुर बांध राजस्थान के जल इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। बनास नदी पर बना यह विशाल जलाशय सिंचाई, पेयजल और क्षेत्रीय विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यही वजह है कि इसे राजस्थान की राजधानी जयपुर समेत कई इलाकों के लिए जीवनदायिनी जल परियोजना के रूप में देखा जाता है।