इस बार गर्मियों की छुट्टियों में जरूर घूमे उदयपुर की ये 5 खूबसूरत जगह, हमेशा के लिए यादगार बन जाएगा ट्रिप
उदयपुर अपनी खूबसूरती के कारण देश-दुनिया में खास पहचान रखता है। यही वजह है कि दुनियाभर से पर्यटक यहां खिंचे चले आते हैं। नवंबर की शुरुआत के साथ ही उदयपुर शहर में पर्यटन सीजन भी शुरू हो गया है। शहर के सभी पर्यटन स्थलों पर गुजराती और मराठी पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। वहीं, नवंबर के आखिर तक यहां विदेशी पर्यटकों का भी आना शुरू हो जाएगा। आज हम आपको उदयपुर शहर की उन खास जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं जहां आपको जरूर जाना चाहिए।
सिटी पैलेस उदयपुर
उदयपुर शहर के बीचों-बीच बना शहर का सिटी पैलेस सबसे खूबसूरत महलों में से एक है। यह देश का दूसरा सबसे बड़ा राज महल है। इस राज महल के एक हिस्से को म्यूजियम में तब्दील कर दिया गया है। यहां आप आज भी वो सारी चीजें देख पाएंगे जो राजा-रानी के समय में हुआ करती थीं, वहीं इस महल के एक हिस्से में होटल भी बनाया गया है, अगर आप वहां रुकना चाहते हैं तो रुक भी सकते हैं। आज फतेह प्रकाश नाम का ये खास होटल शहर के सिटी पैलेस के अंदर मौजूद है।
जग निवास मंदिर उदयपुर
यह खास महल शहर की सबसे खूबसूरत झील पिछोला झील के अंदर बना है, जिसे महाराणा जगत सिंह ने बनवाया था। इस महल के लिए यह भी कहा जाता है कि शाहजहां को ताजमहल बनवाने की प्रेरणा इसी महल से मिली थी। ताजमहल का निर्माण यहीं की संरचना के आधार पर हुआ था। इस खास महल को शहर के सिटी पैलेस के अंदर से देखा जा सकता है।
सज्जनगढ़ पैलेस उदयपुर
यह खास सज्जनगढ़ पैलेस उदयपुर इलाके में एक पहाड़ी की चोटी पर बना है। जिसे मानसून पैलेस के नाम से भी जाना जाता है। इस महल का निर्माण महाराणा सज्जन सिंह के समय में हुआ था। जो शहर की सबसे खूबसूरत इमारतों में से एक है। यहां से उदयपुर शहर के सबसे खूबसूरत नजारे देखे जा सकते हैं।
सहेलियों की बाड़ी उदयपुर
सहेलियों की बाड़ी शहर का सबसे खूबसूरत उद्यान है, यहां गुरुत्वाकर्षण के आधार पर नींव रखी गई है जो आज भी उसी तरह काम करती है। कहा जाता है कि महाराजा ने अपनी रानी और उनकी सहेलियों के लिए यह खास उद्यान तैयार करवाया था। यहां आप बिना बादलों के बारिश का अनुभव कर सकते हैं।
जगदीश मंदिर
उदयपुर शहर के इष्टदेव के रूप में भगवान जगन्नाथ स्वामी का मंदिर शहर में मौजूद है। इस मंदिर में सैकड़ों लोगों की आस्था है। जगदीश मंदिर की स्थापना मेवाड़ के महाराणा ने की थी। इस मंदिर में पुरी के जगन्नाथ स्वामी के स्वरूप की पूजा की जाती है। यहां साल भर कई विशेष आयोजन होते रहते हैं।