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100 वर्षों से प्रेमियों की आस्था का केंद्र बना जोधपुर का यह इश्किया गणेश मंदिर,वीडियो में जाने इसका इतिहास 

 

मान्यता है कि राजस्थान के जोधपुर में स्थित इश्किया गणेश जी मंदिर में प्रेमियों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। मंदिर के पुजारी का कहना है कि यह मंदिर करीब 100 साल पुराना है। लोग यहां शादी या शुभ कार्यों के लिए अपनी मनोकामना मांगने आते हैं।मान्यता है कि इस मंदिर में आने से अविवाहित लड़के या लड़कियों का रिश्ता जल्द ही तय हो जाता है। यह मंदिर भगवान गणेश का है। वैलेंटाइन डे के मौके पर इस मंदिर में प्रेमी जोड़ों की भीड़ काफी बढ़ जाती है।

<a href=https://youtube.com/embed/w-rFaeiFsEU?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/w-rFaeiFsEU/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden"" title="Moti Dungri Ganesh Temple Jaipur | मोती डूंगरी मंदिर का इतिहास, कथा, मान्यता, चमत्कार और लाइव दर्शन" width="1250">

इस मंदिर की स्थापना गुरु गणपति मंदिर के रूप में की गई थी। आज यह इश्किया गणेश मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है और हर दिन बड़ी संख्या में लोग, खासकर जोड़े यहां पहुंचते हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मंदिर ऐसी जगह पर था, जहां लोगों की आवाजाही कम थी। इस वजह से प्रेमी जोड़े यहां छिपकर मिलने आते थे, ताकि वे किसी की नजर में न आ सकें।समय के साथ यहां प्रेमियों की भीड़ आने लगी और गणेश जी प्रेमियों की मनोकामनाएं पूरी करने लगे। मान्यताओं के अनुसार यहां पूजा-अर्चना करने पर भगवान गणेश की कृपा से लोगों का विवाह संपन्न होता है, इसलिए इसे इश्किया गणेश मंदिर के नाम से जाना जाने लगा। यहां हर बुधवार को प्रेमी जोड़ों का मेला भी लगता है।