लवर्स और कपल्स के लिए परफेक्ट रोमांटिक डेस्टिनेशन है ये 100 द्वीपों का शहर, खूबसूरती देख आप भी बना लेंगे यहां घूमने का प्लान
जब बात रोमांटिक डेस्टिनेशन की होती है, तो अक्सर लोगों के ज़हन में केरल, गोवा या मालदीव का नाम आता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि राजस्थान के दक्षिणी छोर पर एक ऐसा शहर है जिसे 'City of Hundred Islands' कहा जाता है और जो प्राकृतिक खूबसूरती में किसी भी इंटरनेशनल टूरिस्ट डेस्टिनेशन को टक्कर दे सकता है? जी हां, हम बात कर रहे हैं बाँसवाड़ा की – एक ऐसा स्थान जो अपने झीलों, द्वीपों और हरियाली से पर्यटकों को सम्मोहित कर देता है।
बाँसवाड़ा: नाम से ज्यादा प्रकृति की पहचान
बाँसवाड़ा को 'सिटी ऑफ हंड्रेड आइलैंड्स' इसलिए कहा जाता है क्योंकि यहाँ की प्रमुख झील – माही नदी पर बनी कदाना डैम की विशाल जलराशि में करीब 100 छोटे-बड़े द्वीप मौजूद हैं। पानी के बीच बसे ये द्वीप इस क्षेत्र को एक विशिष्ट प्राकृतिक सौंदर्य प्रदान करते हैं। ये दृश्य बहुत कुछ मालदीव जैसे आइलैंड कंट्री की याद दिलाते हैं, जहां नीला पानी, हरे द्वीप और शांति से भरपूर माहौल होता है।
प्रकृति और प्रेम का मिलन स्थल
अगर आप अपने जीवनसाथी या पार्टनर के साथ कुछ क्वालिटी टाइम बिताना चाहते हैं, तो बाँसवाड़ा एक परफेक्ट डेस्टिनेशन है। यहाँ की शांत झीलें, हरे-भरे जंगल, पहाड़ियां और द्वीप एक रोमांटिक माहौल रचते हैं। साथ में नौका विहार (Boating), सनसेट व्यू, कैम्पिंग और लोकल राजस्थानी व्यंजन इस अनुभव को यादगार बना देते हैं।
क्या देख सकते हैं बाँसवाड़ा में?
कागदी पिकनिक स्पॉट:
माही नदी के किनारे बसा यह स्थल हरे-भरे बागों और झरनों से युक्त है। स्थानीय लोग और पर्यटक यहां पिकनिक और फोटोशूट के लिए अक्सर आते हैं। पानी की कलकल करती ध्वनि और हवा में हरियाली की खुशबू इसे प्रेमियों के लिए एक आदर्श स्थान बनाती है।
माही डैम और उसके द्वीप:
कदाना डैम की जलराशि में बनीं आइलैंड्स का नज़ारा बेहद आकर्षक होता है। यहां नौकायन (Boating) करते हुए आप इन द्वीपों के बीच से गुजर सकते हैं और रोमांटिक पल बिता सकते हैं।
त्रिपुरा सुंदरी मंदिर:
यह मंदिर धार्मिक भावनाओं के साथ-साथ स्थापत्य कला का भी अद्भुत उदाहरण है। प्रेम और श्रद्धा का समागम यहां देखने को मिलता है, और जोड़े अक्सर यहां साथ में दर्शन करते हैं।
परतापुर हिल्स:
यहाँ से बाँसवाड़ा शहर और आसपास के क्षेत्र का पैनोरमिक व्यू दिखता है। पहाड़ियों से सूर्यास्त का नज़ारा एक अद्भुत अनुभव होता है।
आनंद सागर झील:
शहर के मध्य स्थित यह झील रात में लाइटिंग और पानी में चमकते प्रतिबिंब के कारण बेहद सुंदर लगती है। यहाँ टहलना और शाम बिताना बेहद सुकून देता है।
कैसे पहुँचे बाँसवाड़ा?
बाँसवाड़ा राजस्थान के दक्षिणी हिस्से में स्थित है और यह मध्य प्रदेश और गुजरात की सीमाओं से लगा हुआ है। नजदीकी रेलवे स्टेशन रतलाम (90 किमी) और उदयपुर (165 किमी) हैं। सड़क मार्ग से यह जगह गुजरात और राजस्थान दोनों तरफ से आसानी से पहुंची जा सकती है। उदयपुर से बाँसवाड़ा की ड्राइव एक सुखद अनुभव है, जहां रास्ते में हरियाली और पहाड़ी नज़ारे मन मोह लेते हैं।
रहने और खाने की व्यवस्था
बाँसवाड़ा में अब कई अच्छे रिसॉर्ट्स और होटल्स हैं, जिनमें से कई तो झीलों के किनारे बसे हुए हैं। यहां की राजस्थानी थाली, मक्के की रोटी, गट्टे की सब्जी और स्थानीय व्यंजन आपकी यात्रा को स्वादिष्ट बना देंगे।
क्यों जाएं बाँसवाड़ा?
अगर आप भीड़भाड़ से दूर शांति चाहते हैं।
अगर आप प्रकृति प्रेमी हैं और कमर्शियल टूरिस्ट प्लेसेज़ से अलग कुछ देखना चाहते हैं।
अगर आप अपने पार्टनर के साथ कोई खूबसूरत और शांत जगह तलाश रहे हैं।
अगर आप फोटोग्राफी, बर्ड वॉचिंग या एडवेंचर एक्टिविटीज़ के शौकीन हैं।
एक नया अनुभव, एक नया रोमांस
बाँसवाड़ा, अपनी झीलों, द्वीपों और शांत वातावरण के साथ एक ऐसा अनुभव प्रदान करता है, जिसे आप जीवन भर याद रखेंगे। यह न केवल राजस्थान की विविधता को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि अगर आप खूबसूरती को देखने की दृष्टि रखते हैं, तो विदेशी टूरिज़्म डेस्टिनेशन की तुलना में भारत में ही कई अनमोल रत्न छिपे हुए हैं।तो अगली बार जब आप छुट्टियों की प्लानिंग करें, तो विदेशी ट्रिप से पहले एक बार बाँसवाड़ा को जरूर सोचें – हो सकता है, आपको ‘मालदीव’ यहीं मिल जाए।