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कभी अचानक चलने लगती है हवा तो कभी खौफनाक चीखें... नाहरगढ़ किले में शोधकर्ता ने जो महसूस किया वो जान सहम जायेंगे आप 

 

वैसे तो विज्ञान भूत-प्रेत पर विश्वास नहीं करता, लेकिन राजस्थान के नाहरगढ़ किले में होने वाली अजीबोगरीब घटनाओं के बारे में शोधकर्ताओं ने माना है कि यहां ये सब अदृश्य शक्तियों के कारण होता है। नाहरगढ़ किले में अचानक हवाएं चलने लगती हैं, दरवाजों में लगे कांच टूटकर बिखर जाते हैं, पल भर में गर्मी और कुछ मिनट बाद ठंड का एहसास होता है। इस किले को देखने आए कई लोगों ने ऐसा अनुभव किया है। जयपुर के होटल मैरियट में 'द स्पिरिट वर्ल्ड एंड हाउ डज वीका इंटरैक्ट विद इट' विषय पर शोधकर्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए।

<a href=https://youtube.com/embed/NRLlcHO24GA?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/NRLlcHO24GA/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden"" title="Nahargarh Fort Jaipur | नाहरगढ़ किले का इतिहास, कब-किसने बनाया, वास्तुकला और भूतिया रहस्य" width="1250">
इस मौके पर यंग बंगाल ब्रिगेड की चेयरपर्सन इप्सिता रॉय चक्रवर्ती ने बताया कि 2012 में वे 13 लोगों की टीम के साथ रात 10 बजे नाहरगढ़ किले पर पहुंची थीं। उन्होंने बताया, 'किले में बहुत अंधेरा था। ऐसे में मैंने अपनी टीम से कहा कि मैं एक बार सभी की गिनती करूंगी। गिनती करते समय हम 14 लोग थे। मुझे समझ में आ गया कि हमारे साथ कोई और भी है। आवाज हुई, जादू टूटा और हम आगे बढ़ गए। इसी तरह भानगढ़ जाते समय मैं आगे बढ़ रही थी और मुझे लगा कि मेरा हाथ ठंडा हो रहा है। 'ओर्ब फेनोमेना' की जांच करने के बाद पता चला कि नाहरगढ़ किला, भानगढ़ और ओडिशा के पुरी में बीएनआर होटल में आत्माएं निवास करती हैं।

भानगढ़ का अध्ययन करते समय रात में आठ कैमरे लगाए गए। चित्रों में कई स्थानों पर चंद्रमा के आकार के पीले, सफेद और हरे रंग के गोले दिखाई दिए। भारत में मानसिक शोध में अग्रणी और भानगढ़ में 'ओर्ब फेनोमेना' की जांच करने वाले पहले व्यक्ति इप्सिता ने कहा, मृत्यु के बाद केवल जीवन ही नहीं है, आत्माएं भी हैं।