×

बाहर से जितना खूबसूरत अंदर से उतना ही खतरनाक है रणथंभौर टाइगर रिजर्व, वीडियो में देखे कौन-कौन से जीवों का है आशियाना ? 

 

राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में स्थित रणथम्भौर नेशनल पार्क न केवल भारत का सबसे प्रमुख टाइगर रिजर्व है, बल्कि यह उन चुनिंदा जगहों में से एक है जहाँ पर्यटक खुले वाहन में दुनिया के कुछ सबसे खतरनाक और दुर्लभ जीवों को करीब से देख सकते हैं। यह पार्क मात्र वन्यजीव प्रेमियों के लिए स्वर्ग नहीं है, बल्कि साहसिक यात्रियों के लिए भी रोमांच का पर्याय बन चुका है। 1334 वर्ग किलोमीटर में फैला यह पार्क 1973 में 'प्रोजेक्ट टाइगर' के तहत आरक्षित क्षेत्र बना और आज यह पर्यावरणीय जैव विविधता का एक अद्भुत उदाहरण है।

<a href=https://youtube.com/embed/_IF31yVaHwM?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/_IF31yVaHwM/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden"" title="Ranthambore Tiger Reserve, रणथम्भौर टाइगर रिजर्व का इतिहास, जोन, सफारी फीस, टाइगर्स और ट्रिप बजट" width="695">
बाघों की दुनिया – रणथम्भौर का असली सितारा
रणथम्भौर का नाम आते ही सबसे पहले जो जीव दिमाग में आता है, वह है रॉयल बंगाल टाइगर। ये बाघ अपनी ताकत, चालाकी और शिकार करने की तकनीक के लिए मशहूर हैं। यहां के टाइगर इतने प्रसिद्ध हैं कि उनके नाम भी हैं – जैसे कि मछली, टी-24 (उस्ताद), और रणथम्भौर के वर्तमान स्टार बाघ ‘सुलतान’। यहां के बाघ दिन में भी आसानी से दिख जाते हैं, जो इसे अन्य राष्ट्रीय उद्यानों से अलग बनाता है। टाइगर अपने क्षेत्र को लेकर बेहद आक्रामक होते हैं, और कई बार एक दूसरे के साथ जानलेवा संघर्ष में भी उलझ जाते हैं।

तेंदुआ: छाया में छिपा शिकारी
रणथम्भौर के घने जंगलों और ऊँचे पहाड़ियों में तेंदुए (Leopard) भी पाए जाते हैं, जो अधिकतर रात में सक्रिय रहते हैं। इनकी गिनती दुनिया के सबसे खतरनाक मांसाहारी जानवरों में होती है क्योंकि यह बेहद फुर्तीले और चालाक होते हैं। हालांकि, ये टाइगर से दूर रहना पसंद करते हैं लेकिन शिकार के वक्त इनकी गिनती जंगल के सबसे निडर शिकारी में होती है।

भालू: मासूम दिखने वाला, पर बेहद खतरनाक
यहाँ पाए जाने वाले स्लॉथ बियर (Reechh) अपनी मासूम शक्ल और धीरे चलने के कारण भ्रम में डाल सकते हैं, लेकिन गुस्सा आने पर ये बेहद खतरनाक हो जाते हैं। कई बार जंगल में भटकते ग्रामीणों पर इनकी हिंसक झड़पों की खबरें भी सामने आ चुकी हैं। ये मधु और चींटियों के शौकीन होते हैं, लेकिन खतरा महसूस होने पर पलटवार करने से नहीं चूकते।

मगरमच्छ और अजगर – पानी और ज़मीन दोनों में खतरनाक
रणथम्भौर में पद्मा और मलिक तालाब जैसे जलाशयों में मगरमच्छ आसानी से दिख जाते हैं। ये शांत बैठे रहते हैं, लेकिन जैसे ही शिकार पास आता है, वे पल भर में हमला कर देते हैं। इसके अलावा, यहां भारतीय अजगर (Indian Python) और कोबरा जैसे विषैले सांप भी पाए जाते हैं। इनका एक ही दंश जानलेवा हो सकता है।

जंगली कुत्ते और लकड़बग्घा – सामूहिक शिकार के उस्ताद
यहाँ जंगली कुत्तों (Dhole) और हाइना (Hyena) की मौजूदगी रणथम्भौर की जैव विविधता को और खतरनाक बनाती है। ये जानवर अक्सर समूह में शिकार करते हैं और घायल जानवर को घेरकर खा जाते हैं। हाइना की हँसी जैसी आवाज रात के समय जंगल में रोंगटे खड़े कर देती है।

क्यों रणथम्भौर है अनोखा?
रणथम्भौर की सबसे खास बात यह है कि यहाँ प्राकृतिक जंगल के साथ-साथ ऐतिहासिक किलों और मंदिरों का संगम भी देखने को मिलता है। रणथम्भौर किला, जो यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों में शामिल है, पार्क के अंदर ही स्थित है और इसकी प्राचीर से पूरे जंगल का विहंगम दृश्य दिखता है।इसके अलावा, यहाँ की जैव विविधता, जैसे कि सांभर, नीलगाय, चिंकारा, और कई दुर्लभ पक्षियों की प्रजातियाँ जैसे इंडियन पिट्टा और ग्रेट हॉर्डेड आउल, इस पार्क को वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर्स के लिए पसंदीदा स्थल बनाती हैं।

पर्यटकों के लिए जरूरी सावधानियाँ
अगर आप रणथम्भौर नेशनल पार्क की यात्रा का मन बना रहे हैं, तो आपको निम्न सावधानियाँ बरतनी चाहिए:
पार्क में गाइड के निर्देशों का पालन करें।
वन्यजीवों के करीब जाने की कोशिश ना करें।
किसी भी जानवर को खाना देना प्रतिबंधित है।
शांत रहें, तेज आवाजें जानवरों को चिढ़ा सकती हैं।
खुले रंग के कपड़े पहनें जो प्रकृति में घुल मिल जाएं।

निष्कर्ष
रणथम्भौर नेशनल पार्क सिर्फ एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि प्राकृतिक रोमांच, खतरे और सुंदरता का अद्भुत संगम है। यहाँ का हर कोना जंगल के असली राजाओं की कहानी कहता है। अगर आप भी वाइल्डलाइफ के शौकीन हैं और दुनिया के सबसे खतरनाक जीवों को उनके प्राकृतिक आवास में देखना चाहते हैं, तो रणथम्भौर जरूर आइए – यह अनुभव जीवन भर याद रहेगा।क्या आप चाहेंगे कि मैं इस लेख का एक सोशल मीडिया कैप्शन या छोटा प्रचार वाक्य भी तैयार कर दूँ?