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 रणथंभौर टाइगर रिजर्व: बाघों की दहाड़ से गूंजता जंगल, वीडियो में जाने किले और वन्यजीवों का अनोखा संगम

 

राजस्थान के सवाई माधोपुर में स्थित रणथंभौर टाइगर रिजर्व देश के प्रमुख वन्यजीव क्षेत्रों में शामिल है। बाघों को उनके प्राकृतिक आवास में देखने के लिए यहां देश-विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं। अरावली और विंध्य पर्वत श्रृंखलाओं के बीच फैला यह क्षेत्र अपने जंगल, झीलों, पहाड़ियों और समृद्ध वन्यजीवों के लिए जाना जाता है।रणथंभौर का नाम यहां स्थित ऐतिहासिक रणथंभौर किले से जुड़ा है। राजस्थान पर्यटन के अनुसार, यह किला 10वीं सदी का माना जाता है और वन क्षेत्र के बीच पहाड़ी पर स्थित होने के कारण यहां का प्राकृतिक और ऐतिहासिक परिदृश्य खास बन जाता है।

बाघों के लिए प्रसिद्ध है रणथंभौर

रणथंभौर को खास तौर पर रॉयल बंगाल टाइगर के लिए जाना जाता है। जंगल सफारी के दौरान बाघ के अलावा तेंदुआ, स्लॉथ भालू, लकड़बग्घा, सियार, नीलगाय, सांभर, चीतल, लंगूर और कई प्रजातियों के पक्षी भी देखने को मिल सकते हैं।टाइगर रिजर्व का कुल क्षेत्रफल राजस्थान वन विभाग के अनुसार 1530.23 वर्ग किलोमीटर है। यह क्षेत्र सवाई माधोपुर के अलावा करौली, बूंदी और टोंक जिलों तक फैला हुआ है।

जंगल सफारी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र

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रणथंभौर आने वाले पर्यटक जंगल सफारी के जरिए वन क्षेत्र को करीब से देखने का अनुभव लेते हैं। सफारी के दौरान पर्यटक प्राकृतिक वातावरण में वन्यजीवों को देखने की कोशिश करते हैं। हालांकि जंगल में वन्यजीवों का दिखना निश्चित नहीं होता और यह उनके प्राकृतिक व्यवहार तथा उस समय की परिस्थितियों पर निर्भर करता है।रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान पर्यटन के लिए सामान्य तौर पर अक्टूबर से जून तक खुला रहता है। सफारी के लिए ऑनलाइन परमिट और बुकिंग की सुविधा राजस्थान वन विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

इतिहास और जंगल का अनोखा मेल

रणथंभौर की खासियत केवल बाघ और जंगल ही नहीं हैं। यहां मौजूद ऐतिहासिक किला, प्राचीन मंदिर, झीलें और वन क्षेत्र मिलकर इसे पर्यटन की दृष्टि से खास बनाते हैं। यही वजह है कि रणथंभौर में आने वाले पर्यटकों को वन्यजीवों के साथ राजस्थान के इतिहास और प्राकृतिक सौंदर्य को देखने का अवसर भी मिलता है।रणथंभौर आज वन्यजीव संरक्षण, पर्यटन और राजस्थान की ऐतिहासिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां बाघों की मौजूदगी ने इस क्षेत्र को देश और दुनिया के वन्यजीव प्रेमियों के बीच विशेष पहचान दिलाई है।