पाकिस्तान का वो मशहूर हिंदू मंदिर जो 72 साल तक सहता रहा बंटवारे का दर्द, हर रात होता है ये खतरनाक चमत्कार
ट्रेवल न्यूज़ डेस्क,,मशहूर लेखिका कृष्णा सोबती ने कहा था कि 'भारत-पाकिस्तान के बंटवारे को भूलना मुश्किल और याद रखना खतरनाक भारत-पाकिस्तान के बंटवारे को भले ही 70 साल से ज्यादा का समय बीत चुका हो, लेकिन बंटवारे का दर्द भुलाए नहीं भूलता है। ऐसा इसलिए क्योंकि दोनों देश आज तक भी उस तकलीफ से उबर नहीं पाए हैं। खैर, ऐसा हो भी कैसे जाता बंटवारे में न केवल बड़ी संख्या में लोगों की जानें गईं बल्कि संपत्ति को भी काफी नुकसान हुआ।दोनों देशों के विभाजन का अंजाम इसी बात लीजिए कि पाकिस्तान में स्थित जितने भी हिंदू मंदिर थे, उन्हें भी उस समय बंद कर दिया गया।
शिवाला तेजा सिंह मंदिर
आजादी के बाद जब पाकिस्तान अलग देश बना, तो हजारों की संख्या में हिंदू मंदिर पाकिस्तान में रह गए थे। इस दौरान जहां कुछ मंदिरों को तोड़ दिया गया था, तो कइयों पर ताला लगा दिया, जिसमें से एक मंदिर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सियालकोट शहर में स्थित शिवाला तेजा सिंह भी रहा।इस मंदिर का इतिहास 1000 साल पुराना है, जिसे साल 2019 में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा खुलवाया गया था।
कैसी है मंदिर की नक्काशी
शिवाला तेजा सिंह मंदिर बहुत ज्यादा खूबसूरत है। इस मंदिर में बड़े-बड़े पत्थरों पर बारीक नक्काशी की गई है। हालांकि, जब मंदिर को खोला गया, तब इसकी दीवारें टूट चुकी थीं। हालांकि, सुरक्षा को देखते हुए मंदिर का पुनर्निर्माण कराया गया। वहीं दरवाजों पर भी नए गेट लगवाए गए हैं।
किसको समर्पित है मंदिर
शिवाला तेजा सिंह मंदिर शिव को समर्पित है। इस मंदिर में भोले बाबा की पूजा होती है। पाकिस्तान के सियालकोट में स्थित इस मंदिर का निर्माण तेजा सिंह ने करवाया था। आपको बता दें कि पाकिस्तान सरकार के इवेक्यू ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ईटीपीबी) ने लाहौर स्थित सर गंगा राम हेरिटेज फाउंडेशन की मदद से मंदिर के नवीनीकरण और संरक्षण के लिए एक योजना तैयार की है।