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वाइल्डलाइफ और प्राकृतिक सुन्दरता का अनोखा संगम है जवाई बांध, वीडियो में खूबसूरती देख आप भी बना लेंगे घूमने का प्लान 

 

राजस्थान को आमतौर पर रेगिस्तानी इलाका माना जाता है, लेकिन यह राज्य प्राकृतिक विविधता और वाइल्डलाइफ के अनूठे मेल के लिए भी प्रसिद्ध है। इसी धरती पर स्थित है — जवाई बांध, जो न केवल जल संसाधन के रूप में महत्वपूर्ण है, बल्कि एक दुर्लभ वाइल्डलाइफ डेस्टिनेशन भी बन चुका है। पाली जिले में स्थित यह क्षेत्र अपनी खूबसूरत पहाड़ियों, फैले हुए जंगलों और विशेष रूप से लेपर्ड सफारी के लिए देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करता है।

<a href=https://youtube.com/embed/DB1U_swAERc?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/DB1U_swAERc/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden"" title="Jawai Dam, कब, कैसे, किसने, जवाई बांध के निर्माण की ऐतिहासिक कहानी, क्षेत्रफल, लम्बाई, चौड़ाई, गेट" width="695">

क्या है खास जवाई बांध में?
जवाई बांध का निर्माण ब्रिटिश काल में 1957 में हुआ था और यह बांध राजस्थान के सबसे बड़े जलाशयों में से एक है। यह बांध सिर्फ एक जल स्रोत नहीं, बल्कि अब यह एक जीवंत इको-सिस्टम बन चुका है, जहाँ जल, जंगल और जंगली जानवरों का अद्भुत संतुलन देखने को मिलता है।यहां की सबसे खास बात यह है कि यहां इंसान और तेंदुए के बीच एक अनकहा, लेकिन सम्मानजनक सामंजस्य देखने को मिलता है। स्थानीय ग्रामीण बिना किसी भय के इन जंगली जानवरों के साथ जीवन बिताते हैं, जो दुनियाभर के वाइल्डलाइफ विशेषज्ञों और पर्यटकों को आश्चर्य में डाल देता है।

जवाई की वाइल्डलाइफ
जवाई क्षेत्र को सबसे ज़्यादा प्रसिद्धि मिली है इसके लेपर्ड सफारी के कारण। यहां करीब 50 से अधिक तेंदुए खुले पहाड़ी इलाकों में स्वतंत्र रूप से विचरण करते हैं। जंगल सफारी के दौरान आप इन्हें प्राकृतिक वातावरण में, बिना किसी बाड़े के देख सकते हैं।तेंदुओं के अलावा यहां चितल, नीलगाय, भालू, सियार, लकड़बग्घा और कई तरह के पक्षी जैसे सरस क्रेन, फ्लेमिंगो, ग्रे हरॉन भी देखे जा सकते हैं। खासकर सर्दियों में यह जगह प्रवासी पक्षियों के लिए स्वर्ग बन जाती है।

पक्षी प्रेमियों के लिए स्वर्ग
अगर आप बर्ड वॉचिंग के शौकीन हैं, तो जवाई बांध आपके लिए एक आदर्श जगह है। अक्टूबर से मार्च के बीच यहां हजारों की संख्या में प्रवासी पक्षी आते हैं। सुबह की धुंधली रोशनी में जब सूरज की किरणें जलाशय पर पड़ती हैं और पक्षियों की चहचहाहट सुनाई देती है, तो यह अनुभव बेहद मंत्रमुग्ध कर देने वाला होता है।

कैसे पहुँचे जवाई?
जवाई बांध राजस्थान के पाली जिले में स्थित है। यहां पहुँचने के लिए सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन जवाई बांध रेलवे स्टेशन है, जो माउंट आबू और उदयपुर से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। सड़क मार्ग से भी यह जगह जोधपुर, उदयपुर और अहमदाबाद से आराम से पहुंची जा सकती है।

कब जाएं घूमने?
अक्टूबर से मार्च के बीच का समय जवाई घूमने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। इस दौरान मौसम सुहावना होता है और जंगल की हरियाली भी बनी रहती है। यही वह समय है जब तेंदुए भी ज़्यादा सक्रिय रहते हैं और सफारी के दौरान दिखने की संभावना अधिक होती है।

कहां ठहरें?
जवाई में अब कई लक्ज़री टेंट कैम्प, इको रिजॉर्ट्स और होमस्टे उपलब्ध हैं, जो आपको जंगल के बीच रहकर प्रकृति से सीधा जुड़ाव प्रदान करते हैं। कुछ प्रसिद्ध रिसॉर्ट्स तेंदुओं की मूवमेंट को ट्रैक करने के लिए गाइडेड सफारी भी ऑफर करते हैं, जो इस यात्रा को और भी रोमांचक बनाता है।

स्थानीय संस्कृति और लोग
जवाई केवल प्रकृति और जीव-जंतुओं की वजह से ही खास नहीं है, बल्कि यहां की रबारी जनजाति और उनका जीवन भी पर्यटकों के लिए एक आकर्षण का केंद्र है। रबारी समाज के लोग वर्षों से इस इलाके में तेंदुओं के साथ बिना किसी टकराव के रहते आ रहे हैं, और यही जवाई की सबसे बड़ी खासियत है — इंसान और प्रकृति का परस्पर सामंजस्य।

क्यों बनाएं जवाई को अपनी अगली ट्रिप का हिस्सा?
अगर आप भीड़-भाड़ से दूर, शांत वातावरण में रहकर वाइल्डलाइफ का सच्चा आनंद लेना चाहते हैं, तो जवाई बांध आपके लिए एक परफेक्ट डेस्टिनेशन है। यह जगह उन लोगों के लिए आदर्श है जो शहरी जीवन की भागदौड़ से दूर एक एडवेंचर, शांति और प्राकृतिक खूबसूरती से भरी जगह की तलाश कर रहे हैं।

जवाई बांध एक ऐसी जगह है, जहां हर सुबह एक नई उम्मीद लेकर आती है, हर सफारी एक नई कहानी कहती है और हर शाम आपको प्रकृति के और करीब ले जाती है। यहां की खूबसूरती को केवल शब्दों में नहीं, बल्कि अपनी आंखों से देखकर ही पूरी तरह महसूस किया जा सकता है। तो अगली बार जब आप किसी वाइल्डलाइफ ट्रिप की योजना बनाएं, तो जवाई को जरूर शामिल करें — यहां आकर आपको लगेगा कि राजस्थान सिर्फ रेत का नहीं, वाइल्डलाइफ का भी राजा है।