×

क्या आपने देखा है झील के बीचों-बीच तैरता हुआ राजस्थान का यह रहस्यमयी महल? वीडियो में खूबसूरती देख आप भी बना लेंगे घूमने का मन 

 

राजस्थान के जयपुर में स्थित जल महल करीब 225 सालों से मानसागर झील में डूबा हुआ है, लेकिन आज भी इसकी खूबसूरती बरकरार है। यही वजह है कि जल महल हमेशा पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र बना रहता है।राजस्थान के जयपुर में स्थित जल महल करीब 225 सालों से मानसागर झील में डूबा हुआ है, लेकिन आज भी इसकी खूबसूरती बरकरार है। यही वजह है कि जल महल हमेशा पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र बना रहता है।


राजस्थान अपनी विरासत और महलों के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। 225 सालों से झील में डूबा राजस्थान का 'रोमांटिक महल' आज भी पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र है। इन्हीं में से एक महल का निर्माण आमेर के महाराजा सवाई जयसिंह ने 1799 में करवाया था, जो झील के बीचों-बीच स्थित है।इस पांच मंजिला जल महल की सबसे खास बात यह है कि इसकी सिर्फ एक मंजिल ही पानी के ऊपर दिखाई देती है जबकि बाकी की चार मंजिलें पानी के नीचे हैं। यही वजह है कि इस महल में गर्मी नहीं लगती। इस महल से पहाड़ और झील का खूबसूरत नजारा देखा जा सकता है। खास तौर पर चांदनी रात में झील के पानी में स्थित यह महल बेहद खूबसूरत लगता है।

राजस्थान में कई ऐसी पुरानी इमारतें, हवेलियां और महल हैं, जिनकी खूबसूरती और रहस्य देश-दुनिया से पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। ऐसी ही एक ऐतिहासिक धरोहर है जयपुर में स्थित 'जल महल'।इस महल का निर्माण करीब 225 साल पहले 1799 ई. में सवाई जयसिंह ने करवाया था, जो जयपुर-आमेर मार्ग पर मान सागर झील के बीच में स्थित है।

कहा जाता है कि महल के निर्माण से पहले जयसिंह ने जयपुर को पानी की आपूर्ति के लिए गर्भावती नदी पर बांध बनवाया था और मान सागर झील का निर्माण करवाया था।मान सागर झील के बीच में स्थित इस 5 मंजिला महल की 4 मंजिलें पानी में डूबी हुई हैं और सिर्फ एक मंजिल ऊपर दिखाई देती है, जिसकी वजह से यहां गर्मी नहीं लगती।कहा जाता है कि राजा जल महल का इस्तेमाल अपनी रानी के साथ खास समय बिताने और शाही उत्सवों के लिए करते थे। इसे 'रोमांटिक पैलेस' के नाम से भी जाना जाता है।

अरावली पहाड़ियों की गोद में मानसागर झील के बीच स्थित इस महल से पहाड़ और झील का खूबसूरत नजारा देखने को मिलता है। खास तौर पर चांदनी रात में यहां का नजारा देखने लायक होता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि इस जल महल की नर्सरी में एक लाख से भी ज्यादा पेड़ लगे हुए हैं, जिनकी दिन-रात रखवाली की जाती है और करीब 40 माली इस काम में लगे हुए हैं। यह नर्सरी राजस्थान की सबसे ऊंचे पेड़ों वाली नर्सरी है। यहां बड़ी संख्या में लोग घूमने भी आते हैं।