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बनने के बाद अब तक सिर्फ पांच बार छलका बीसलपुर बांध, राजस्थान की जल व्यवस्था की सबसे बड़ी उम्मीद

 

राजस्थान के टोंक जिले में स्थित बीसलपुर बांध ने वर्ष 2025 में पानी की उपलब्धता और निकासी के मामले में कई नए रिकॉर्ड कायम किए हैं। जयपुर, अजमेर और टोंक जिलों की जीवनरेखा माने जाने वाले इस बांध से पहली बार लंबे समय तक लगातार पानी छोड़ा गया। करीब 100 दिन तक लगातार जल निकासी होने से बांध ने अपने इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया।

बीसलपुर बांध राजस्थान के सबसे महत्वपूर्ण जल स्रोतों में शामिल है। यह बांध न केवल लाखों लोगों की प्यास बुझाता है, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में सिंचाई के लिए भी बेहद अहम भूमिका निभाता है। वर्ष 2025 में अच्छी बारिश के कारण बांध में पानी की जबरदस्त आवक हुई, जिसके बाद जलस्तर नियंत्रित रखने के लिए गेट खोलकर बनास नदी में पानी छोड़ा गया।

साल 2025 में बीसलपुर बांध ने कई रिकॉर्ड बनाए। मानसून के दौरान पहली बार जुलाई महीने में बांध के गेट खोले गए। इसके बाद लगातार कई दिनों तक पानी की निकासी जारी रही। रिपोर्ट के अनुसार, बांध से करीब 140 टीएमसी पानी छोड़ा गया, जो बांध की कुल क्षमता से कई गुना अधिक है।

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जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बांध से लगातार पानी छोड़ने का मुख्य कारण भारी बारिश के बाद जलस्तर का बढ़ना था। अतिरिक्त पानी को सुरक्षित तरीके से निकालने के लिए समय-समय पर गेट खोले गए। इस दौरान बनास नदी में भी पानी का बहाव तेज रहा।

बीसलपुर बांध की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह राजधानी जयपुर समेत अजमेर और टोंक जैसे बड़े शहरों की पेयजल जरूरतों को पूरा करता है। गर्मियों में जब प्रदेश के कई हिस्सों में जल संकट की स्थिति बनती है, तब बीसलपुर बांध से मिलने वाला पानी लाखों लोगों के लिए राहत लेकर आता है।

इस बार बांध में पर्याप्त पानी जमा होने से किसानों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। टोंक और आसपास के क्षेत्रों में सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होने से रबी की फसलों को बेहतर स्थिति मिलने की संभावना है। सरसों, गेहूं और अन्य फसलों के उत्पादन पर इसका सकारात्मक असर पड़ सकता है।

बीसलपुर बांध का निर्माण वर्ष 1999 में पूरा हुआ था और तब से यह राजस्थान की जल व्यवस्था का अहम हिस्सा बना हुआ है। बांध के भरने और पानी छोड़ने की घटनाएं अब प्रदेश के लिए बड़ी खबर बन जाती हैं, क्योंकि इससे सीधे तौर पर जयपुर, अजमेर और टोंक जैसे बड़े क्षेत्रों की जल सुरक्षा जुड़ी हुई है।

वर्ष 2025 में बने रिकॉर्ड इस बात का संकेत हैं कि अच्छी बारिश होने पर राजस्थान जैसे जल संकट वाले राज्य में बड़े बांधों की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण हो जाती है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य के लिए जल संरक्षण, नहरों की देखरेख और पानी के सही प्रबंधन पर लगातार ध्यान देना जरूरी है।

बीसलपुर बांध में इस बार आई रिकॉर्ड पानी की आवक ने जहां लोगों को राहत दी है, वहीं यह भी साबित किया है कि सही जल प्रबंधन के जरिए राजस्थान जैसे राज्य में भी पानी की उपलब्धता को बेहतर बनाया जा सकता है।