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आखिर क्यों इस आलीशान महल से लोग फेर लेते थे मुंह? वीडियो में सामने आया दीवान सालेम सिंह से कनेक्शन

 

राजस्थान के जैसलमेर में स्थित 'सलीम सिंह की हवेली' अपनी भव्यता और रहस्यमयी इतिहास के लिए प्रसिद्ध है। 19वीं सदी में निर्मित यह हवेली जैसलमेर के तत्कालीन प्रधानमंत्री सलीम सिंह द्वारा बनवाई गई थी। इसकी अनूठी वास्तुकला और सात मंजिला संरचना इसे अन्य हवेलियों से अलग बनाती है।​

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हवेली की विशेषता इसकी छत पर बने मयूर के आकार के गुंबद हैं, जो इसे अद्वितीय बनाते हैं। हालांकि, इसकी ऊंचाई और भव्यता महारावल को पसंद नहीं आई, जिसके कारण दो मंजिलों को हटवा दिया गया। इससे हवेली की ऊंचाई कम हो गई, लेकिन इसकी भव्यता में कोई कमी नहीं आई।​

सलीम सिंह की हवेली के साथ कई रहस्यमयी कहानियां जुड़ी हुई हैं। कहा जाता है कि सलीम सिंह की क्रूरता और अत्याचारों के कारण लोग इस हवेली से दूरी बनाए रखते थे। उनकी नीतियों और व्यवहार ने उन्हें जनता के बीच अलोकप्रिय बना दिया था। इसके अलावा, कुलधरा गांव की कहानी भी सलीम सिंह से जुड़ी हुई है, जहां कहा जाता है कि उनके अत्याचारों के कारण पूरा गांव रातों-रात खाली हो गया था।​

आज, सलीम सिंह की हवेली एक प्रमुख पर्यटन स्थल बन चुकी है। यहां आने वाले पर्यटक इसकी अनूठी वास्तुकला और इतिहास को जानने के लिए आकर्षित होते हैं। हालांकि, इसके रहस्यमयी अतीत और सलीम सिंह की कहानियां आज भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई हैं।​

यदि आप जैसलमेर की यात्रा पर हैं, तो सलीम सिंह की हवेली को देखना न भूलें। यह न केवल वास्तुकला का अद्भुत उदाहरण है, बल्कि इसके पीछे छिपी कहानियां और इतिहास इसे और भी रोचक बनाते हैं।