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राजपूताना शान की शानदार मिसाल, वीडियो में जाने जहां आज भी दिखती है शाही विरासत

 

जयपुर की पहचान सिर्फ गुलाबी शहर के रूप में नहीं, बल्कि अपनी भव्य ऐतिहासिक विरासत के लिए भी होती है। इन्हीं धरोहरों में आमेर किला सबसे प्रमुख है। अरावली की पहाड़ियों के बीच स्थित यह किला राजपूत और मुगल स्थापत्य कला के खूबसूरत मेल के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। विशाल दीवारें, भव्य दरवाजे, महल, मंदिर और शीश महल यहां आने वाले पर्यटकों को राजस्थान के शाही अतीत की झलक दिखाते हैं।

राजा मानसिंह ने कराया था निर्माण

आमेर किले का वर्तमान स्वरूप मुख्य रूप से 16वीं शताब्दी में आमेर के शासक राजा मानसिंह प्रथम के समय विकसित हुआ। बाद के शासकों ने भी किले में कई निर्माण और विस्तार करवाए। पीले और लाल बलुआ पत्थर तथा संगमरमर से बना यह दुर्ग पहाड़ी पर स्थित है और नीचे की ओर मौटा झील दिखाई देती है।किले की संरचना इस तरह बनाई गई थी कि यह एक ओर राजपरिवार के निवास के लिए उपयुक्त रहे और दूसरी ओर सुरक्षा की दृष्टि से भी मजबूत हो।

शीश महल है सबसे बड़ा आकर्षण

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आमेर किले का शीश महल पर्यटकों के बीच सबसे लोकप्रिय स्थानों में से एक है। इसकी दीवारों और छत पर छोटे-छोटे शीशों की सजावट की गई है। प्रकाश पड़ने पर इन शीशों से निकलने वाली चमक पूरे कक्ष को बेहद आकर्षक बना देती थी।किले के भीतर दीवान-ए-आम, दीवान-ए-खास, सुख निवास और गणेश पोल जैसी कई महत्वपूर्ण संरचनाएं हैं। हर हिस्सा अपने समय की वास्तुकला और शाही जीवनशैली की कहानी बताता है।

राजपूत और मुगल शैली का संगम

आमेर किले की खासियत इसकी स्थापत्य शैली है। यहां राजपूत वास्तुकला के साथ मुगल प्रभाव भी देखने को मिलता है। नक्काशीदार स्तंभ, मेहराब, जालियां, भित्ति सजावट और सुंदर आंगन किले की खूबसूरती बढ़ाते हैं।किले का गणेश पोल विशेष रूप से अपनी कलात्मक सजावट के लिए प्रसिद्ध है। यह शाही परिसर की ओर जाने वाले प्रमुख प्रवेश द्वारों में से एक था।

यूनेस्को विश्व धरोहर का हिस्सा

आमेर किला राजस्थान के पहाड़ी किलों में शामिल है, जिन्हें यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता मिली है। यह मान्यता राजस्थान की ऐतिहासिक और स्थापत्य विरासत के वैश्विक महत्व को दर्शाती है।आज आमेर किला जयपुर आने वाले पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण है। यहां हर साल बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक पहुंचते हैं। पहाड़ी पर बना विशाल किला, आसपास की अरावली पहाड़ियां और मौटा झील का दृश्य इसे बेहद खास बनाते हैं।