×

रेलवे स्टेशन के नाम के पीछे क्यों लिखा होता है ‘रोड’? वजह जानकर रह जाएंगे हैरान

 

आपने ट्रेन से कई बार सफर किया होगा और इस दौरान अनगिनत रेलवे स्टेशनों के नाम भी देखे होंगे। लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि कई स्टेशनों के नाम के आखिर में “रोड” (Road) लिखा होता है? जैसे—किसी शहर का नाम और उसके साथ “रोड” जुड़ा हुआ। आखिर ऐसा क्यों होता है? चलिए आपको इसका दिलचस्प कारण बताते हैं।

दरअसल, जिन रेलवे स्टेशनों के नाम के साथ “रोड” लिखा होता है, वे आमतौर पर उस मुख्य शहर या कस्बे से थोड़ी दूरी पर स्थित होते हैं। यानी वह स्टेशन सीधे शहर के अंदर नहीं, बल्कि उस तक पहुंचने वाले रास्ते (road) पर बना होता है। इसलिए उसके नाम के साथ “रोड” जोड़ दिया जाता है, ताकि यात्रियों को यह समझ में आ सके कि यह स्टेशन मुख्य शहर से बाहर है।

रेलवे के नामकरण का यह तरीका ब्रिटिश काल से चला आ रहा है। उस समय रेलवे लाइनें अक्सर शहरों के बाहरी इलाकों से होकर गुजरती थीं, क्योंकि शहर के अंदर ट्रैक बिछाना मुश्किल होता था। ऐसे में जो स्टेशन शहर के पास लेकिन बाहर बनाए जाते थे, उन्हें उस शहर के नाम के साथ “रोड” जोड़कर पहचान दी जाती थी।

उदाहरण के तौर पर, अगर किसी स्टेशन का नाम “XYZ रोड” है, तो इसका मतलब होता है कि वह स्टेशन XYZ शहर तक जाने वाले मार्ग पर स्थित है, न कि शहर के बिल्कुल बीच में। इससे यात्रियों को अपने गंतव्य के बारे में बेहतर जानकारी मिलती है और वे सही स्टेशन पर उतरने का फैसला कर पाते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह नामकरण आज भी यात्रियों की सुविधा के लिए उपयोगी है, खासकर उन लोगों के लिए जो पहली बार किसी जगह पर जा रहे होते हैं। इससे यह साफ संकेत मिलता है कि उन्हें अपने अंतिम गंतव्य तक पहुंचने के लिए आगे सड़क मार्ग से यात्रा करनी पड़ सकती है।

हालांकि, समय के साथ कई शहर फैल चुके हैं और अब कुछ “रोड” वाले स्टेशन भी शहर के भीतर ही आ गए हैं। फिर भी उनके नाम में यह शब्द आज भी बना हुआ है, क्योंकि यह उनकी ऐतिहासिक पहचान का हिस्सा है।

कुल मिलाकर, रेलवे स्टेशनों के नाम के पीछे “रोड” लिखा होना कोई संयोग नहीं, बल्कि एक सोची-समझी व्यवस्था है, जो यात्रियों को सही जानकारी देने के लिए बनाई गई थी। अगली बार जब आप किसी “रोड” वाले स्टेशन का नाम देखें, तो आपको इसके पीछे की यह दिलचस्प कहानी जरूर याद आएगी।