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मतदाता सूची से 80 लाख नाम कम होने के पीछे क्या है वजह? अधिकारियों ने बताई पूरी प्रक्रिया

 

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार मतदाता सूची में करीब 80 लाख नामों की कमी दर्ज की गई है। अधिकारियों का कहना है कि यह कमी किसी एक कारण से नहीं, बल्कि अपात्र और त्रुटिपूर्ण प्रविष्टियों को हटाने की व्यवस्थित प्रक्रिया का परिणाम है।

निर्वाचन अधिकारियों के मुताबिक, मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और अद्यतन बनाने के लिए समय-समय पर विशेष पुनरीक्षण अभियान चलाए जाते हैं। इसी प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे नामों को हटाया गया, जो निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतर रहे थे।

नाम हटाने के प्रमुख कारण

अधिकारियों ने बताया कि मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के पीछे कई कारण हैं, जिनमें प्रमुख रूप से—

  • मतदाता की मृत्यु हो जाना।
  • किसी अन्य क्षेत्र या राज्य में स्थायी रूप से स्थानांतरण।
  • एक ही व्यक्ति का नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज होना।
  • गलत या अपूर्ण जानकारी के आधार पर दर्ज नाम।
  • पात्रता संबंधी मानदंड पूरे नहीं करने वाले आवेदक।

इन सभी मामलों की जांच और सत्यापन के बाद ही संबंधित नामों को सूची से हटाया गया।

विशेष पुनरीक्षण अभियान का असर

Election Commission of India द्वारा समय-समय पर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और अन्य सत्यापन अभियान चलाए जाते हैं। इन अभियानों के दौरान बूथ स्तर के अधिकारी घर-घर जाकर जानकारी का सत्यापन करते हैं और मतदाता सूची को अपडेट करते हैं।

अधिकारियों का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य किसी पात्र मतदाता का नाम हटाना नहीं, बल्कि सूची को त्रुटिरहित बनाना है।

पारदर्शिता और शुद्धता पर जोर

निर्वाचन विभाग का मानना है कि सटीक मतदाता सूची लोकतांत्रिक प्रक्रिया की मजबूती के लिए बेहद आवश्यक है। इसलिए मृत, स्थानांतरित या डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम हटाने और नए पात्र मतदाताओं को जोड़ने का काम लगातार किया जाता है।

अधिकारियों ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे समय-समय पर अपने नाम और विवरण की जांच करें तथा किसी त्रुटि की स्थिति में निर्धारित प्रक्रिया के तहत संशोधन के लिए आवेदन करें।