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पश्चिम बंगाल में 'कट मनी' लौटाने के वीडियो वायरल, भाजपा ने TMC नेताओं पर लगाए गंभीर आरोप

 

पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों कथित 'कट मनी' को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर कई वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें कुछ स्थानीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेताओं को लोगों के बीच नकदी बांटते हुए देखा जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि ये वही पैसे हैं, जो सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर लाभार्थियों से कमीशन के तौर पर वसूले गए थे और अब राजनीतिक हालात बदलने के बाद उन्हें वापस किया जा रहा है।

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भाजपा ने उठाए सवाल

भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर ऐसे दो वीडियो साझा किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दक्षिण 24 परगना जिले के नामखाना क्षेत्र में एक स्थानीय TMC नेता लोगों को पैसे लौटाते हुए दिखाई दे रहा है।

मालवीय ने अपने पोस्ट में दावा किया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत मकान दिलाने के बदले 45 लाभार्थियों से प्रति व्यक्ति 5,000 रुपये वसूले गए थे। अब जांच और कार्रवाई के डर से यह रकम वापस की जा रही है।

क्या है 'कट मनी' का मामला?

पश्चिम बंगाल की राजनीति में 'कट मनी' शब्द लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है। विपक्षी दलों का आरोप रहा है कि कुछ स्थानीय जनप्रतिनिधि और पार्टी कार्यकर्ता सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के बदले लाभार्थियों से कमीशन वसूलते रहे हैं। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस पहले भी ऐसे आरोपों से इनकार करती रही है।

वायरल वीडियो पर बढ़ा सियासी घमासान

वीडियो वायरल होने के बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। भाजपा इसे भ्रष्टाचार का सबूत बता रही है, जबकि तृणमूल कांग्रेस की ओर से अभी तक इन वीडियो पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और उनसे जुड़े दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि वीडियो कब और किन परिस्थितियों में रिकॉर्ड किए गए। हालांकि, वीडियो के सामने आने के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है और मामले को लेकर विभिन्न पक्ष अपनी-अपनी दलीलें दे रहे हैं।

जनता और राजनीतिक दलों की नजरें मामले पर

फिलहाल, इस मुद्दे ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि संबंधित एजेंसियां और प्रशासन इन आरोपों की जांच करते हैं या नहीं, और वायरल वीडियो की सच्चाई क्या निकलकर सामने आती है।