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अभिषेक बनर्जी के घर पहुंची कोलकाता पुलिस, फुटेज में जाने अवैध निर्माण मामले में बढ़ी हलचल

 

पश्चिम बंगाल की राजनीति में सोमवार को उस समय हलचल बढ़ गई जब कोलकाता पुलिस की एक विशेष टीम Abhishek Banerjee के हरीश मुखर्जी रोड स्थित घर ‘शांतिनिकेतन’ पहुंची। यह कार्रवाई कथित अवैध निर्माण मामले में Kolkata Municipal Corporation द्वारा जारी नोटिस के बाद की गई।

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सूत्रों के मुताबिक, नगर निगम की ओर से भवन के कथित अवैध हिस्से को गिराने का आदेश भी जारी किया गया है। इसी के मद्देनजर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। हालांकि प्रशासन की ओर से अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि निर्माण के किस हिस्से को अवैध माना गया है।

जानकारी के अनुसार, कोलकाता पुलिस की टीम ने इलाके का निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। अधिकारियों ने आसपास की स्थिति का आकलन करने के साथ-साथ आगे की कार्रवाई को लेकर रिपोर्ट तैयार की। इस दौरान इलाके में सुरक्षा भी बढ़ा दी गई।

मामले में नया मोड़ तब आया जब रविवार को अभिषेक बनर्जी ने नगर निगम अधिकारियों को पत्र लिखकर 14 दिन का अतिरिक्त समय मांगा। सूत्रों का कहना है कि पत्र में उन्होंने नोटिस के जवाब और जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए समय देने की अपील की है। हालांकि अभी तक प्रशासन की ओर से इस अनुरोध पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

राजनीतिक गलियारों में इस कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दल जहां इसे नियमों के तहत की जा रही प्रशासनिक कार्रवाई बता रहे हैं, वहीं तृणमूल कांग्रेस के समर्थक इसे राजनीतिक नजरिए से भी देख रहे हैं। हालांकि पार्टी की ओर से इस पूरे मामले पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

गौरतलब है कि अभिषेक बनर्जी पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ All India Trinamool Congress के राष्ट्रीय महासचिव हैं और राज्य की राजनीति में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनके घर से जुड़ा यह मामला राजनीतिक रूप से भी काफी संवेदनशील माना जा रहा है।

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी निर्माण को नगर निगम नियमों के खिलाफ पाया जाता है, तो प्रशासन को कार्रवाई का अधिकार होता है। हालांकि किसी भी अंतिम कदम से पहले संबंधित पक्ष को जवाब देने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का मौका दिया जाता है।

फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि नगर निगम और प्रशासन आगे क्या फैसला लेते हैं। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि अभिषेक बनर्जी द्वारा मांगे गए अतिरिक्त समय पर प्रशासन क्या रुख अपनाता है।