×

देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन गुवाहाटी–कोलकाता के बीच दौडेगी, वीडियो में जानें किराया और रफ्तार ने खींचा ध्यान

 

भारतीय रेलवे जल्द ही देश को पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सौगात देने जा रहा है। यह अत्याधुनिक स्लीपर ट्रेन गुवाहाटी से कोलकाता के बीच चलाई जाएगी, जिससे पूर्वोत्तर भारत को तेज, सुरक्षित और आरामदायक रेल सेवा का बड़ा लाभ मिलेगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी आधिकारिक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का ट्रायल, टेस्टिंग और सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और अब इसे व्यावसायिक संचालन के लिए तैयार माना जा रहा है।

<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/nhzgv4hlyGI?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/nhzgv4hlyGI/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">

रेल मंत्री के अनुसार, इस ट्रेन को खासतौर पर 1000 किलोमीटर से अधिक लंबी दूरी की यात्रा को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी और यात्रियों को पारंपरिक ट्रेनों की तुलना में कहीं ज्यादा आरामदायक सफर का अनुभव देगी। इसमें बेहतर सस्पेंशन सिस्टम, आधुनिक कोच डिजाइन, उन्नत सुरक्षा फीचर्स और कम शोर वाली तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।

किराए की बात करें तो रेलवे ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के लिए प्रस्तावित किराया भी तय कर दिया है। थर्ड एसी (3AC) का किराया 2,300 रुपये रखा गया है, जबकि सेकेंड एसी (2AC) के लिए यात्रियों को 3,000 रुपये चुकाने होंगे। वहीं फर्स्ट एसी (1AC) का किराया करीब 3,600 रुपये प्रस्तावित किया गया है। रेलवे का दावा है कि किराया सुविधाओं और तेज यात्रा समय को देखते हुए प्रतिस्पर्धी और उचित रखा गया है।

दो दिन पहले इस वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का ट्रायल रन भी सफलतापूर्वक किया गया। यह ट्रायल कोटा-नागदा रेलवे ट्रैक पर हुआ, जहां ट्रेन ने 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़कर अपनी तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन किया। ट्रायल के दौरान ट्रेन की स्थिरता और स्मूदनेस को परखने के लिए लोको पायलट ने एक अनोखा प्रयोग किया। उन्होंने ट्रेन के भीतर चार गिलास पानी रखे, और इतनी तेज रफ्तार के बावजूद एक भी गिलास से पानी नहीं छलका। इसे ट्रेन की उन्नत तकनीक और बेहतरीन संतुलन का प्रमाण माना जा रहा है।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस साल के अंत तक करीब 12 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें तैयार हो जाएंगी। आने वाले समय में इन्हें देश के अलग-अलग लंबी दूरी के रूट्स पर चलाने की योजना है। इससे न केवल यात्रियों का सफर आसान होगा, बल्कि रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में भी यह एक बड़ा कदम साबित होगा।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के शुरू होने से गुवाहाटी और कोलकाता के बीच यात्रा का समय कम होगा और यात्रियों को रात में आरामदायक सफर की सुविधा मिलेगी। खासतौर पर पूर्वोत्तर राज्यों के लिए यह ट्रेन कनेक्टिविटी और विकास के लिहाज से अहम मानी जा रही है। कुल मिलाकर, वंदे भारत स्लीपर ट्रेन भारतीय रेलवे के भविष्य की झलक पेश करती है और देश की रेल यात्रा को एक नया आयाम देने की ओर अग्रसर है।