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पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम के बाद सीमा तनाव की आशंका, वीडियो में जाने बांग्लादेश ने दी ‘पुशबैक’ पर चेतावनी

 

Bangladesh में पश्चिम बंगाल चुनाव परिणामों को लेकर राजनीतिक और कूटनीतिक स्तर पर चिंता बढ़ गई है। India के पश्चिम बंगाल में चुनावी नतीजों के बाद भारत–बांग्लादेश सीमा पर संभावित तनाव को लेकर बांग्लादेश सरकार ने सतर्कता बढ़ा दी है।बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने इस मुद्दे पर बयान जारी करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि भविष्य में भारत से लोगों को जबरन सीमा पार भेजने की घटनाएं, जिन्हें आमतौर पर ‘पुशबैक’ कहा जाता है, नहीं बढ़ेंगी। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि बांग्लादेश नहीं चाहता कि किसी भी व्यक्ति को अवैध प्रवासी घोषित कर जबरन सीमा पार धकेला जाए।

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उनके बयान के बाद बांग्लादेश प्रशासन ने सीमा सुरक्षा बल (Border Security Force) को भी अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष निगरानी बढ़ाने और किसी भी अनधिकृत गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करने को कहा गया है।यह मामला उस समय और संवेदनशील हो गया है जब भारत में चुनावी माहौल के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच अवैध प्रवासियों के मुद्दे को लेकर तीखी बहस देखने को मिली थी। पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ सरकार पर विपक्षी दल Bharatiya Janata Party ने आरोप लगाया था कि उसने बांग्लादेश से आए कथित अवैध प्रवासियों को शरण दी है।

चुनाव प्रचार के दौरान इस मुद्दे ने राजनीतिक रंग ले लिया था और इसे लेकर दोनों देशों की सीमा सुरक्षा और कूटनीतिक संबंधों पर भी चर्चा तेज हो गई थी। हालांकि, चुनाव परिणाम आने के बाद अब यह विषय एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय चिंता का कारण बनता दिख रहा है।विशेषज्ञों का मानना है कि भारत–बांग्लादेश सीमा दुनिया की सबसे संवेदनशील सीमाओं में से एक है, जहां जनसंख्या, रोजगार और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे अक्सर तनाव पैदा करते हैं। ऐसे में किसी भी तरह की राजनीतिक बयानबाजी या सीमा पार गतिविधियां दोनों देशों के संबंधों को प्रभावित कर सकती हैं। फिलहाल दोनों देशों की ओर से आधिकारिक स्तर पर संयम बनाए रखने की बात कही जा रही है, लेकिन सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता बढ़ा दी गई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत होने की संभावना भी जताई जा रही है, ताकि किसी भी तरह के तनाव को बढ़ने से रोका जा सके।