TMC में बड़ी बगावत! 28 साल में पहली बार पार्टी में टूट का दावा, वीडियो में जाने 58 विधायकों ने चुना नया नेता
पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) को पार्टी गठन के 28 वर्षों बाद पहली बार बड़े स्तर पर आंतरिक बगावत का सामना करना पड़ रहा है। दावा किया जा रहा है कि पार्टी के 80 में से 58 बागी विधायकों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की जगह रितब्रत बनर्जी को विधायक दल का नया नेता चुन लिया है।
सूत्रों के अनुसार, बागी खेमे ने अपने समर्थन का दावा स्पीकर के सामने भी पेश किया, जिसे मंजूरी मिलने की बात कही जा रही है। यदि यह स्थिति बरकरार रहती है तो पश्चिम बंगाल की राजनीति में इसका दूरगामी असर देखने को मिल सकता है।
बताया जा रहा है कि इस राजनीतिक घटनाक्रम की शुरुआत 22 मई को दिल्ली स्थित बंग भवन में हुई एक अहम मुलाकात से हुई थी। उस दिन TMC विधायक रितब्रत बनर्जी और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के बीच हुई बैठक ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी थी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महज 13 दिनों के भीतर घटनाक्रम इतनी तेजी से बदला कि पार्टी दो खेमों में बंटती नजर आने लगी। हालांकि इस पूरे मामले पर पार्टी नेतृत्व की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
यदि बागी विधायकों का दावा सही साबित होता है तो यह तृणमूल कांग्रेस के इतिहास का सबसे बड़ा राजनीतिक संकट माना जाएगा। वहीं विपक्षी दल भी इस घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में आए इस नए मोड़ ने राज्य के सत्ता समीकरणों को लेकर चर्चाओं का दौर तेज कर दिया है। आने वाले दिनों में पार्टी नेतृत्व और बागी खेमे के बीच टकराव और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।