पश्चिम बंगाल के केतुग्राम के मोरग्राम में एक आवारा कुत्ते ने 56 लोगों को काटकर घायल कर दिया, जिससे इलाके में दहशत फैल गई है.
पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्धमान जिले में एक आवारा कुत्ते के आतंक से लोगों में दहशत फैल गई। केतुग्राम के मोरग्राम और आसपास के इलाकों में कुत्ते ने बच्चों, महिलाओं और पुरुषों समेत करीब 56 लोगों को काटकर घायल कर दिया। घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई गई, जिसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया।
एक के बाद एक लोगों पर किया हमला
स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, कुत्ते ने गुरुवार दोपहर से शाम तक कई गांवों और आसपास के इलाकों में लोगों पर हमला किया। शुरुआत हटकालुहा गांव से हुई और इसके बाद कुत्ता आसपास के क्षेत्रों में पहुंच गया। लिपाड़ा, डांगापाड़ा, परिपाड़ा, खादेमपाड़ा, मोड़लपाड़ा और मेरु पल्ली समेत कई इलाकों में लोगों के बीच डर का माहौल बन गया।स्थानीय लोगों के अनुसार, हमले में एक छोटे बच्चे समेत कई लोग घायल हुए। कुछ लोगों के शरीर के अलग-अलग हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, 50 से अधिक लोगों के काटे जाने की स्थानीय जानकारी मिली थी, जबकि करीब 40 मामलों में स्वास्थ्य केंद्रों पर उपचार दर्ज किया गया।
अस्पताल में घायलों का इलाज
कुत्ते के हमले के बाद घायलों को कांदरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने घायलों का उपचार शुरू किया। गंभीर रूप से घायल कुछ लोगों को आगे के इलाज के लिए बोलपुर शियान अस्पताल रेफर किए जाने की जानकारी सामने आई है। घायलों की निगरानी रेबीज के संभावित खतरे को देखते हुए भी की जा रही है।
पिल्लों की मौत के बाद व्यवहार बदलने की चर्चा
स्थानीय लोगों ने दावा किया कि हमलावर कुतिया ने हाल ही में पिल्लों को जन्म दिया था। लोगों के मुताबिक, उसके कुछ नवजात पिल्लों को सियार उठा ले गए या मार दिए, जिसके बाद उसके व्यवहार में बदलाव आया और वह लोगों पर हमला करने लगी। हालांकि, कुत्ते के आक्रामक होने की वास्तविक वजह की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
लोगों ने कुत्ते को मार डाला
लगातार हमलों के बाद स्थानीय लोगों ने कुत्ते को घेर लिया और उसे मार दिया, ताकि वह आगे किसी को अपना शिकार न बना सके। घटना के बाद इलाके में काफी समय तक डर का माहौल बना रहा। बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने से स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के सामने भी स्थिति को संभालने की चुनौती पैदा हो गई।फिलहाल घायलों का इलाज जारी है और स्वास्थ्य विभाग प्रभावित लोगों की निगरानी कर रहा है। घटना ने इलाके में आवारा कुत्तों से जुड़ी सुरक्षा और नियंत्रण को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।