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सड़क किनारे मरे मुर्गों को उठाने की होड़, वायरल वीडियो ने उठाए सवाल

 

सोशल मीडिया पर एक चौंकाने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें सड़क किनारे फेंके गए मरे हुए मुर्गों को लेकर लोगों की भारी भीड़ टूट पड़ती दिखाई दे रही है। वीडियो में देखा जा सकता है कि जैसे ही लोगों को इसकी जानकारी मिलती है, मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन जाता है और लोग बिना किसी झिझक के इन्हें उठाने लगते हैं।

यह घटना किसी ग्रामीण या अर्ध-शहरी इलाके की बताई जा रही है, जहां सड़क किनारे बड़ी संख्या में मरे हुए मुर्गे फेंके गए थे। कुछ ही देर में वहां आसपास के लोग पहुंच जाते हैं और फिर जो दृश्य सामने आता है, वह हैरान कर देने वाला है। कोई व्यक्ति बोरे में मुर्गे भरता नजर आता है, तो कोई जल्दी-जल्दी ज्यादा से ज्यादा इकट्ठा करने की कोशिश करता दिखाई देता है।

वीडियो में दिखी भीड़ की जल्दबाजी

वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि लोगों में किसी तरह की हिचकिचाहट नहीं है। वे खुलेआम सड़क किनारे पड़े मरे हुए मुर्गों को उठाकर अपने साथ ले जा रहे हैं। कुछ लोग तो इसे आपस में बांटते हुए भी नजर आते हैं। इस पूरी घटना में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि किसी भी तरह की स्वास्थ्य सुरक्षा या सावधानी का पालन नहीं किया जा रहा है।

स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंता

विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह के मरे हुए जानवरों का उपयोग या उन्हें बिना जांच के उठाना बेहद खतरनाक हो सकता है। इससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है, क्योंकि ऐसे मुर्गों में बैक्टीरिया और वायरस तेजी से विकसित हो सकते हैं। खाद्य सुरक्षा के जानकारों का कहना है कि इस तरह के मामलों में लोगों को बेहद सतर्क रहने की जरूरत होती है, क्योंकि यह सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है।

सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया

वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे गरीबी और संसाधनों की कमी से जोड़कर देख रहे हैं, तो कुछ इसे लापरवाही और अज्ञानता का परिणाम बता रहे हैं। कई यूजर्स ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि ऐसे मामलों में जागरूकता की कमी साफ नजर आती है।

वहीं कुछ लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस तरह की घटनाओं की जांच की जाए और यह पता लगाया जाए कि मरे हुए मुर्गे सड़क किनारे कैसे और क्यों फेंके गए।

प्रशासन और जिम्मेदारी का सवाल

इस घटना ने एक बार फिर खाद्य आपूर्ति श्रृंखला और स्थानीय प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि वास्तव में बड़ी संख्या में मरे हुए मुर्गे सार्वजनिक स्थान पर फेंके गए हैं, तो यह न केवल लापरवाही को दर्शाता है बल्कि पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों के लिए खतरा भी पैदा करता है।