उत्तराखंड में पहली बार दिखेगा व्हाइट टाइगर, देहरादून जू में लाने की तैयारी तेज
उत्तराखंड के वन्यजीव प्रेमियों के लिए अच्छी खबर है। प्रदेश में पहली बार व्हाइट टाइगर देखने को मिल सकता है। इसके लिए देहरादून जू में व्हाइट टाइगर लाने की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। योजना के तहत सितंबर में ग्वालियर से व्हाइट टाइगर को देहरादून लाने की तैयारी की जा रही है।
व्हाइट टाइगर के देहरादून पहुंचने की खबर से जू प्रबंधन और वन्यजीव प्रेमियों में उत्साह है। यदि प्रस्तावित योजना के मुताबिक व्हाइट टाइगर को देहरादून लाया जाता है, तो यह उत्तराखंड के वन्यजीव पर्यटन के लिहाज से भी एक खास उपलब्धि होगी।
सितंबर में ग्वालियर से लाने की तैयारी
देहरादून जू प्रबंधन व्हाइट टाइगर को ग्वालियर से लाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है। इसके लिए जरूरी तैयारियां की जा रही हैं। सितंबर में ही इसे देहरादून लाने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, टाइगर को लाने की अंतिम प्रक्रिया संबंधित विभागों की अनुमति और अन्य औपचारिकताओं पर निर्भर करेगी।
व्हाइट टाइगर के लिए जू में उपयुक्त वातावरण और सुरक्षित बाड़े की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण होगी। प्रबंधन की ओर से इसके लिए जरूरी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
पर्यटकों के लिए बनेगा आकर्षण का केंद्र
देहरादून जू में व्हाइट टाइगर के आने से यहां पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। खासतौर पर बच्चों और वन्यजीव प्रेमियों के लिए यह बड़ा आकर्षण होगा। उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों को अब देहरादून में सफेद बाघ देखने का मौका मिल सकता है।
व्हाइट टाइगर वास्तव में बाघ का एक दुर्लभ रंग रूप है, जो आनुवंशिक विशेषता के कारण दिखाई देता है। इसकी सफेद फर पर काली या गहरी धारियां होती हैं, जिसके चलते यह सामान्य बाघों से अलग नजर आता है।
वन्यजीव संरक्षण को भी मिलेगा बढ़ावा
देहरादून जू में व्हाइट टाइगर को लाने की योजना केवल पर्यटकों के आकर्षण तक सीमित नहीं है। चिड़ियाघरों के बीच वन्यजीवों का आदान-प्रदान संरक्षण और प्रजनन कार्यक्रमों का भी हिस्सा होता है। ऐसे में इसके आने से जू में वन्यजीव संरक्षण गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
अब सभी की नजर सितंबर पर है। अगर तैयारियां तय योजना के मुताबिक पूरी होती हैं, तो उत्तराखंड के लोगों और पर्यटकों को पहली बार देहरादून जू में व्हाइट टाइगर देखने का मौका मिल सकता है।