उत्तराखंड को मिलेगा पहला युवा आयोग, युवाओं के लिए रोजगार से उद्यमिता तक बनेंगे नए अवसर
उत्तराखंड के युवाओं के लिए आने वाले समय में रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और स्वरोजगार के क्षेत्र में नए अवसर खुल सकते हैं। राज्य सरकार युवाओं को बेहतर भविष्य के लिए दूसरे राज्यों की ओर पलायन करने से रोकने और प्रदेश के भीतर ही शिक्षा, रोजगार तथा उद्यमिता के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम तेज कर रही है। इसी क्रम में उत्तराखंड को अपना पहला ‘युवा आयोग’ मिलने वाला है। सरकार का मानना है कि यह आयोग युवाओं से जुड़े मुद्दों को समझने और उनके समाधान के लिए प्रभावी मंच उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
उत्तराखंड में लंबे समय से युवाओं के लिए रोजगार और बेहतर करियर विकल्प एक महत्वपूर्ण मुद्दा रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में युवा शिक्षा और नौकरी के लिए देहरादून, दिल्ली, चंडीगढ़ जैसे बड़े शहरों का रुख करते हैं। सरकार अब ऐसी व्यवस्था तैयार करने पर जोर दे रही है, जिससे युवाओं को अपने राज्य में ही पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, रोजगार और कारोबार के बेहतर विकल्प मिल सकें।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मिलेगी मदद
युवा आयोग के गठन के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं पर भी विशेष ध्यान दिए जाने की उम्मीद है। सरकार का उद्देश्य युवाओं को बेहतर कोचिंग और मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़े शहरों में जाने की जरूरत न पड़े।राज्य के विभिन्न हिस्सों में गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक संसाधनों और करियर मार्गदर्शन की सुविधा बढ़ाने पर जोर दिया जा सकता है। इससे युवाओं को घर के नजदीक रहकर सरकारी और निजी क्षेत्र में करियर बनाने की तैयारी करने का अवसर मिलेगा।
घर के पास रोजगार पर जोर
सरकार की कोशिश केवल प्रतियोगी परीक्षाओं तक सीमित नहीं है। युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में भी योजनाएं तैयार की जा रही हैं। खासकर पहाड़ी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।स्थानीय स्तर पर पर्यटन, कृषि, बागवानी, हस्तशिल्प, सेवा क्षेत्र और अन्य रोजगारपरक गतिविधियों को बढ़ावा देकर युवाओं को अपने क्षेत्र में ही काम उपलब्ध कराने की कोशिश की जा सकती है। इससे रोजगार के साथ-साथ राज्य से होने वाले पलायन को कम करने में भी मदद मिल सकती है।
उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा
उत्तराखंड के युवाओं को नौकरी तलाशने वाले युवाओं के साथ-साथ रोजगार देने वाला उद्यमी बनाने पर भी सरकार का फोकस है। इसके लिए स्टार्टअप, स्वरोजगार और छोटे कारोबार शुरू करने वाले युवाओं को प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और जरूरी सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।युवा आयोग इस पूरी प्रक्रिया में युवाओं की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने और नीतियों को उनके अनुरूप बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। आयोग के माध्यम से युवाओं की शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और उद्यमिता से जुड़े मुद्दों पर सुझाव लिए जाने की उम्मीद है।
सरकार की इस पहल का बड़ा उद्देश्य यही है कि उत्तराखंड के युवाओं को अपने सपनों को पूरा करने के लिए मजबूरी में राज्य से बाहर न जाना पड़े। यदि रोजगार, शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी और कारोबार के अवसर स्थानीय स्तर पर मजबूत होते हैं, तो इससे युवाओं के भविष्य के साथ-साथ राज्य की अर्थव्यवस्था और विकास को भी गति मिल सकती है।