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उत्तराखंड हाईकोर्ट सख्त, लेखपाल-पटवारी और वीडीओ परीक्षा के दो जवाब वाले सवालों पर सरकार से मांगा जवाब

 

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने लेखपाल, पटवारी और ग्राम विकास अधिकारी यानी वीडीओ भर्ती परीक्षा में पूछे गए कथित दोहरे उत्तर वाले सवालों को लेकर राज्य सरकार और उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) से जवाब मांगा है। मामला 14 जून 2026 को आयोजित भर्ती परीक्षा से जुड़ा है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि प्रश्नपत्र में कुछ ऐसे सवाल पूछे गए, जिनके दो विकल्प सही बताए जा रहे हैं, लेकिन आयोग ने आपत्तियों के बावजूद केवल एक उत्तर को सही माना।

चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश

मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ में हुई। अदालत ने राज्य सरकार और UKSSSC को चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान यह भी टिप्पणी की कि प्रश्नपत्र तैयार करने से पहले आयोग को विशेषज्ञों की राय लेनी चाहिए, ताकि ऐसे सवालों की स्थिति न बने जिनके एक से अधिक उत्तर सही होने का दावा किया जाए।

अदालत के आदेश के मुताबिक, भर्ती की आगे की चयन प्रक्रिया याचिका पर आने वाले अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी। इससे परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों की निगाह अब हाईकोर्ट की अगली सुनवाई पर टिक गई है।

पेपर लीक के बाद दोबारा हुई थी परीक्षा

यह पूरा मामला उस भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा है, जिसके लिए वर्ष 2025 में UKSSSC ने लेखपाल, पटवारी और वीडीओ समेत अन्य पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया था। परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद इन पदों के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित की गई। यह परीक्षा 14 जून 2026 को हुई थी।

परीक्षा समाप्त होने के बाद आयोग ने उत्तरकुंजी जारी की और अभ्यर्थियों से आपत्तियां मांगी थीं। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, आयोग ने उत्तरकुंजी पर ऑनलाइन आपत्तियां दर्ज कराने की व्यवस्था भी की थी।

अभ्यर्थियों ने उठाए सवाल

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि कुछ प्रश्नों में एक से अधिक विकल्प सही हैं। अभ्यर्थियों ने इन सवालों पर आपत्ति दर्ज कराते हुए मांग की कि विशेषज्ञों से इनकी जांच कराई जाए। उनका तर्क है कि यदि किसी प्रश्न के दो विकल्प सही हैं तो केवल एक विकल्प को सही मानकर दूसरे को गलत घोषित करने का आधार स्पष्ट किया जाना चाहिए।

अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट से ऐसे प्रश्नों की विशेषज्ञों से जांच कराने और यदि दोनों विकल्प सही पाए जाते हैं तो उसका लाभ सभी संबंधित अभ्यर्थियों को देने की मांग की है।

चयन प्रक्रिया पर भी असर

हाईकोर्ट के इस रुख के बाद भर्ती परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों के बीच उम्मीद बढ़ी है कि विवादित प्रश्नों की निष्पक्ष समीक्षा हो सकती है। हालांकि फिलहाल अदालत ने अंतिम रूप से यह तय नहीं किया है कि किन प्रश्नों के कितने उत्तर सही हैं।

अब राज्य सरकार और UKSSSC के जवाब के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। अदालत विशेषज्ञों की राय, आयोग की उत्तरकुंजी और अभ्यर्थियों की आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए मामले पर आगे सुनवाई करेगी। तब तक भर्ती की चयन प्रक्रिया हाईकोर्ट के अंतिम फैसले के अधीन रहेगी।