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Uttarakhand Board DigiLocker: अब 1999 से 2016 तक के प्रमाण पत्र भी मिलेंगे डीजी लॉकर में, छात्रों को मिलेगी बड़ी राहत

 

उत्तराखंड बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन ने छात्रों के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब वर्ष 1999 से 2016 के बीच के सभी शैक्षणिक रिकॉर्ड और प्रमाण पत्र डिजिटल रूप में डीजी लॉकर पर उपलब्ध कराए जाएंगे। इस फैसले से पुराने प्रमाण पत्रों को सुरक्षित रखने और जरूरत पड़ने पर आसानी से प्राप्त करने में छात्रों को सुविधा मिलेगी।

उत्तराखंड बोर्ड के इस निर्णय के बाद पुराने छात्रों को अपने अंकपत्र, प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेजों के लिए बार-बार बोर्ड कार्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। डीजी लॉकर के माध्यम से छात्र अपने दस्तावेज ऑनलाइन प्राप्त कर सकेंगे और उनका उपयोग विभिन्न सरकारी व निजी कार्यों में कर सकेंगे।

पुराने रिकॉर्ड को डिजिटल किया जा रहा

अब तक डीजी लॉकर पर मुख्य रूप से नए वर्षों के प्रमाण पत्र उपलब्ध होते थे। लेकिन उत्तराखंड बोर्ड ने पुराने रिकॉर्ड को भी डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत 1999 से 2016 तक के छात्रों के शैक्षणिक दस्तावेजों को ऑनलाइन उपलब्ध कराया जाएगा।

बोर्ड का उद्देश्य पुराने रिकॉर्ड को सुरक्षित रखना और छात्रों को डिजिटल सुविधा उपलब्ध कराना है। इससे दस्तावेजों के खराब होने, खोने या दोबारा बनवाने की परेशानी कम होगी।

छात्रों को ऐसे मिलेगा फायदा

डीजी लॉकर में प्रमाण पत्र उपलब्ध होने के बाद छात्र कहीं से भी अपने दस्तावेज देख और डाउनलोड कर सकेंगे। उच्च शिक्षा, नौकरी, सरकारी आवेदन या अन्य जरूरी कामों के दौरान प्रमाण पत्रों का उपयोग करना आसान हो जाएगा।

डिजिटल दस्तावेजों की सुविधा से सत्यापन प्रक्रिया भी आसान होने की उम्मीद है। संस्थान और विभाग जरूरत पड़ने पर ऑनलाइन दस्तावेजों की जांच कर सकेंगे।

शिक्षा व्यवस्था में डिजिटल पहल

डीजी लॉकर भारत सरकार की डिजिटल पहल का हिस्सा है, जिसमें नागरिकों के महत्वपूर्ण दस्तावेजों को ऑनलाइन सुरक्षित रखने की सुविधा दी जाती है। उत्तराखंड बोर्ड का यह कदम शिक्षा क्षेत्र में डिजिटल व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बोर्ड की ओर से पुराने रिकॉर्ड को डिजिटल रूप देने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद लाखों पूर्व छात्रों को इसका लाभ मिल सकेगा। लंबे समय से पुराने प्रमाण पत्रों की जरूरत महसूस करने वाले छात्रों के लिए यह सुविधा काफी उपयोगी साबित हो सकती है।