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सहसपुर में जंगल में फंसे दस युवकों का पुलिस ने सुरक्षित रेस्क्यू किया

 

सहसपुर क्षेत्र के भदराज ट्रेकिंग रूट पर अंधेरे में रास्ता भटककर जंगल में फंसे दस युवकों को दून पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाला। यह घटना उस समय घटी जब ट्रेकिंग पर गए युवा शाम के समय अपने मार्ग से भटक गए और जंगल में फंस गए।

पुलिस कंट्रोल रूम को रात में थाना सहसपुर से सूचना मिली कि दस युवक भदराज ट्रेकिंग रूट पर गए थे, लेकिन अंधेरा होने के बाद वे अपने ट्रेकिंग रूट से भटककर जंगल में फंस गए हैं। सूचना मिलते ही थाना सहसपुर की पुलिस टीम और स्थानीय सुरक्षा दल तत्काल मौके पर पहुंच गए।

सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने रात के अंधेरे और जंगल की कठिन परिस्थितियों को देखते हुए सुरक्षा और आपूर्ति के उपायों के साथ रेस्क्यू अभियान शुरू किया। टीम ने मोबाइल लोकेशन और स्थानीय मार्गदर्शकों की मदद से युवकों का पता लगाया। कुछ ही घंटों में पुलिस ने सभी दस युवकों को सुरक्षित ढंग से बाहर निकाला।

युवकों का कहना है कि शाम के समय ट्रेकिंग के दौरान वे जंगल में चले गए और अंधेरे के कारण अपने रास्ते को पहचान नहीं पाए। "हम बहुत डर गए थे। रात होने की वजह से हमें लगा कि हम नहीं निकल पाएंगे। पुलिस की मदद से हम सुरक्षित बाहर आए," एक ट्रेकर ने बताया।

थाना सहसपुर के अधिकारियों ने कहा कि यह घटना सुरक्षा और ट्रेकिंग के दौरान सावधानी की याद दिलाती है। उन्होंने युवाओं और ट्रेकर्स को सलाह दी कि ट्रेकिंग पर जाने से पहले मार्ग की जानकारी लें, अपने साथ आवश्यक उपकरण और रोशनी रखें, और किसी भी आपात स्थिति में पुलिस कंट्रोल रूम से तुरंत संपर्क करें।

विशेषज्ञों का कहना है कि भदराज और सहसपुर के जंगल इलाके में रात में ट्रेकिंग करना जोखिम भरा हो सकता है। अंधेरा होने के कारण ट्रेकर्स अपने मार्ग को भूल सकते हैं और फंस सकते हैं। इसलिए ट्रेकिंग मार्ग पर हमेशा अनुभवी गाइड और सुरक्षा उपायों के साथ जाना चाहिए।

इस घटना के बाद पुलिस ने यह भी बताया कि उन्होंने ट्रेकिंग मार्ग पर सुरक्षा चेतावनी संकेत और रेस्क्यू प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने की योजना बनाई है। ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति में और तेज़ी से कार्रवाई की जा सके।

स्थानीय निवासियों ने भी पुलिस की तत्परता की सराहना की और कहा कि युवाओं की सुरक्षित वापसी से यह साबित हुआ कि स्थानीय पुलिस और सुरक्षा दलों की तैयारी समय पर सहायता प्रदान करने में सक्षम है।

इस घटना ने एक बार फिर यह दिखाया कि ट्रेकिंग जैसे साहसिक गतिविधियों में सुरक्षा, मार्ग की जानकारी और सतर्कता कितना महत्वपूर्ण है। हालांकि, पुलिस की तत्परता और अभियान ने युवाओं को सुरक्षित निकालकर उनके परिवारों की चिंता को दूर किया।