IIT दिल्ली छात्र ऋषिकेश कुमार की मौत पर प्रदर्शन में JNU की एंट्री से नाराज छात्र, बोले- मामले का राजनीतिकरण न हो
आईआईटी दिल्ली के छात्र ऋषिकेश कुमार की मौत के मामले को लेकर चल रहे प्रदर्शन में जेएनयू के छात्रों की भागीदारी को लेकर आईआईटी दिल्ली के छात्रों में नाराजगी सामने आई है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि यह आंदोलन आईआईटी दिल्ली के छात्रों का है और इसमें किसी दूसरे विश्वविद्यालय के छात्रों को यह तय नहीं करना चाहिए कि प्रदर्शन किस तरह और किस दिशा में आगे बढ़ेगा।
छात्रों ने आरोप लगाया कि मामले में बाहरी हस्तक्षेप के कारण आंदोलन के राजनीतिकरण का खतरा पैदा हो रहा है। उनका कहना है कि ऋषिकेश कुमार की मौत से जुड़े मुद्दे पर आईआईटी दिल्ली के छात्र अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं और वे चाहते हैं कि आंदोलन की दिशा और आगे की रणनीति का फैसला स्वयं छात्र करें।
JNU की भागीदारी पर छात्रों ने जताई नाराजगी
प्रदर्शन में जेएनयू के छात्रों की मौजूदगी को लेकर कुछ आईआईटी छात्रों ने आपत्ति जताई। उनका कहना है कि दूसरे विश्वविद्यालयों के छात्र अपनी बात रखने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन आईआईटी दिल्ली के भीतर चल रहे प्रदर्शन की रणनीति तय करने का अधिकार आईआईटी के छात्रों का होना चाहिए।
एक प्रदर्शनकारी छात्र ने कहा कि यह प्रदर्शन आईआईटी का है, न कि जेएनयू, दिल्ली विश्वविद्यालय या किसी अन्य संस्थान का। छात्रों का कहना है कि बाहरी संस्थानों के लोग उन्हें यह नहीं बता सकते कि आंदोलन कैसे चलेगा और आगे क्या किया जाएगा।
आंदोलन को राजनीतिक रंग देने का आरोप
छात्रों का एक वर्ग मानता है कि बाहरी संगठनों और छात्र समूहों की भागीदारी से ऋषिकेश कुमार की मौत का मुद्दा राजनीतिक रूप ले सकता है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक संगठन के एजेंडे को आगे बढ़ाना नहीं, बल्कि अपने साथी छात्र की मौत से जुड़े सवालों के जवाब और अपनी मांगों पर कार्रवाई सुनिश्चित कराना है।
छात्रों का कहना है कि आंदोलन में राजनीतिक हस्तक्षेप के बजाय संस्थान और संबंधित अधिकारियों को छात्रों की मांगों पर ध्यान देना चाहिए। वे चाहते हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और मौत से जुड़े सभी पहलुओं को स्पष्ट किया जाए।
छात्रों की मांगों पर बनी नजर
ऋषिकेश कुमार की मौत के बाद आईआईटी दिल्ली परिसर में छात्रों का प्रदर्शन जारी है। छात्र प्रशासन के सामने अपनी मांगें रख रहे हैं और मामले में जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शन के दौरान अब बाहरी छात्र संगठनों की मौजूदगी भी चर्चा का विषय बन गई है। आईआईटी छात्रों का कहना है कि आंदोलन की अगुवाई और निर्णय लेने की प्रक्रिया उनके हाथ में रहनी चाहिए।
फिलहाल ऋषिकेश कुमार की मौत को लेकर छात्रों का प्रदर्शन जारी है। वहीं जेएनयू छात्रों की भागीदारी को लेकर सामने आई नाराजगी ने आंदोलन के बीच एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। अब देखना होगा कि संस्थान और प्रशासन छात्रों की मांगों पर क्या कदम उठाते हैं।