उत्तराखंड में शिकायत निस्तारण व्यवस्था पर सख्ती, सीएम धामी बोले– “अब फील्ड वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा”
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में शिकायत निस्तारण प्रणाली को लेकर बड़ा बयान देते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अब केवल कागजी रिपोर्ट के आधार पर समस्याओं का निपटारा स्वीकार नहीं किया जाएगा, बल्कि हर शिकायत का फील्ड वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कई बार यह देखा गया है कि शिकायतों का समाधान केवल रिकॉर्ड में दिखा दिया जाता है, जबकि वास्तविक समस्या जमीनी स्तर पर बनी रहती है। इसे गंभीरता से लेते हुए अब व्यवस्था में बदलाव जरूरी है।
सीएम धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जो समस्याएं बार-बार सामने आ रही हैं, उनका स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल औपचारिक निस्तारण दिखाने की प्रक्रिया अब स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि शासन-प्रशासन की विश्वसनीयता जनता के विश्वास पर निर्भर करती है, इसलिए हर शिकायत का वास्तविक समाधान होना चाहिए, न कि सिर्फ फाइलों में निपटारा।
बैठक के दौरान अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि शिकायतों की निगरानी प्रणाली को और मजबूत किया जाए और समयबद्ध तरीके से फीडबैक लिया जाए, ताकि जनता को समय पर राहत मिल सके।
सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था से प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ेगी और जनता की समस्याओं का प्रभावी समाधान संभव हो सकेगा।
फिलहाल इस निर्देश के बाद सभी विभागों में प्रक्रिया को लागू करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।