बदरीनाथ चढ़ावा चोरी मामले में SIT जांच तेज, 12 गवाहों के बयान दर्ज; डिलीट डेटा खंगालेगी टीम
बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में विशेष जांच दल (SIT) ने जांच तेज कर दी है। मामले की तह तक पहुंचने के लिए SIT लगातार साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है। अब तक जांच टीम 12 लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है। इसके बाद अब 21 जून से पहले का डिलीट किया गया डेटा खंगालने की तैयारी की जा रही है।
जांच एजेंसी इस मामले में डिजिटल साक्ष्यों को अहम मान रही है। इसके लिए इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल जानकारी की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि चढ़ावे से जुड़े मामले में वास्तव में क्या हुआ था।
12 लोगों से पूछताछ पूरी
SIT ने अब तक मामले से जुड़े 12 गवाहों के बयान दर्ज किए हैं। इन बयानों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि हर पहलू की गहनता से जांच की जा रही है और किसी भी तथ्य को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
जांच टीम उन लोगों से भी जानकारी जुटा रही है, जिन्हें मामले से जुड़े घटनाक्रम की जानकारी हो सकती है।
21 जून से पहले का डेटा बनेगा जांच का आधार
मामले में अब SIT का फोकस 21 जून से पहले के डिजिटल डेटा पर है। जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस अवधि में कोई रिकॉर्ड हटाया गया या उसमें किसी तरह का बदलाव किया गया था या नहीं।
इसके लिए डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। विशेषज्ञों की मदद से इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच की जाएगी।
डिजिटल सबूतों पर SIT की नजर
चढ़ावा चोरी जैसे मामलों में डिजिटल रिकॉर्ड महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए SIT सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को जुटाने में लगी है।
जांच अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
मामले पर बनी हुई है नजर
बदरीनाथ धाम देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है और यहां आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी हुई है। ऐसे में चढ़ावे से जुड़े मामले को प्रशासन गंभीरता से ले रहा है।
SIT की जांच आगे बढ़ने के साथ अब सभी की नजर इस बात पर है कि डिलीट डेटा और अन्य डिजिटल साक्ष्यों से क्या जानकारी सामने आती है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच पूरी होने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो पाएगी।