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उत्तराखंड में बारिश के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन तेज, 15 हजार से ज्यादा तीर्थयात्री अलग-अलग जगह फंसे

 

उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण चारधाम यात्रा समेत कई इलाकों में हालात प्रभावित हुए हैं। लगातार बारिश के चलते 15 हजार से ज्यादा तीर्थयात्रियों को अलग-अलग स्थानों पर रोकना पड़ा। मौसम में सुधार के बाद आज प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान फिर से शुरू कर दिया है।प्रशासन, आपदा प्रबंधन टीमों और सुरक्षाबलों की ओर से फंसे हुए यात्रियों को सुरक्षित निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। खराब मौसम के कारण कई मार्गों पर आवाजाही प्रभावित हुई थी, जिससे यात्रियों को रास्ते में ही रोकना पड़ा।

मौसम खुलने के बाद शुरू हुआ अभियान

लगातार बारिश और भूस्खलन की आशंका के चलते कई जगहों पर यात्रा रोक दी गई थी। अब मौसम साफ होने के बाद रेस्क्यू टीमों ने मोर्चा संभाल लिया है।प्रशासन की प्राथमिकता उन यात्रियों को सुरक्षित निकालना है, जो दुर्गम इलाकों या यात्रा मार्गों पर फंसे हुए हैं। इसके लिए सड़क मार्ग के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर हेलीकॉप्टर और अन्य संसाधनों की मदद भी ली जा रही है।

चारधाम यात्रा पर बारिश का असर

भारी बारिश के कारण चारधाम यात्रा मार्गों पर कई जगह यातायात प्रभावित हुआ। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मलबा आने से यात्रियों की आवाजाही रोकनी पड़ी।मौसम खराब होने के दौरान प्रशासन ने यात्रियों से सुरक्षित स्थानों पर रुकने और यात्रा से बचने की अपील की थी। अब स्थिति में सुधार के बाद यात्रा को धीरे-धीरे सामान्य करने की कोशिश की जा रही है।

प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी

उत्तराखंड में बारिश के बाद संवेदनशील इलाकों में प्रशासन अलर्ट मोड पर है। आपदा प्रबंधन विभाग, पुलिस और स्थानीय टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। मार्गों की स्थिति सामान्य होने के बाद ही आगे की आवाजाही को पूरी तरह सुचारू किया जाएगा। फिलहाल रेस्क्यू अभियान जारी है और फंसे हुए तीर्थयात्रियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।