अंकिता भंडारी के माता-पिता से मिले राहुल-प्रियंका गांधी, वीडियो में जाने इंडिया गेट पर धरने में हुए शामिल; राज्यपाल की नियुक्ति रद्द करने की मांग
कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी बुधवार शाम इंडिया गेट पर धरने पर बैठे अंकिता भंडारी के माता-पिता से मिलने पहुंचे। दोनों नेताओं ने परिवार से मुलाकात की और करीब एक घंटे तक वहां रुके। अंकिता के परिवार ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से अपील की है कि मामले की सीबीआई जांच पूरी होने तक दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्ति पर रोक लगाई जाए। परिवार ने नियुक्ति रद्द करने की मांग भी की है।
राष्ट्रपति से परिवार की अपील
अंकिता भंडारी के माता-पिता अपनी बेटी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर इंडिया गेट पर धरने पर बैठे हैं। परिवार का कहना है कि अंकिता हत्याकांड से जुड़े सभी सवालों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इसी मांग को लेकर उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से हस्तक्षेप करने की अपील की है।परिवार चाहता है कि सीबीआई जांच पूरी होने तक दुष्यंत कुमार गौतम की राज्यपाल के पद पर नियुक्ति रोक दी जाए। साथ ही, उनकी नियुक्ति रद्द करने की मांग भी उठाई गई है। 12 अक्टूबर को दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया गया था।
2022 में हुई थी अंकिता भंडारी की हत्या
अंकिता भंडारी उत्तराखंड में एक होटल में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थी। वर्ष 2022 में उसकी हत्या कर दी गई थी। इस मामले ने पूरे देश में आक्रोश पैदा किया था। मामले से जुड़े आरोपों के अनुसार, अंकिता पर एक वीआईपी को विशेष सेवाएं देने का दबाव था, जिसका उसने कथित तौर पर विरोध किया था।इस मामले में वीआईपी की पहचान को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। अंकिता का परिवार भी इस पहलू की च की मांग करता रहा है। परिवार दुष्यंत कुमार गौतम को लेकर भी सवाल उठाता रहा है, हालांकि उनसे जुड़े आरोपों और मामले में उनकी भूमिका की पुष्टि जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही की जानी चाहिए।
राज्यपाल की नियुक्ति के बाद बढ़ी परिवार की चिंता
अंकिता की मां सोनी देवी ने मीडिया से बातचीत में दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के बाद अपनी चिंता जाहिर की। परिवार की मांग है कि मामले की जांच पूरी होने तक नियुक्ति पर रोक लगाई जाए, ताकि उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद बनी रहे।राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की परिवार से मुलाकात के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। परिवार लगातार अपनी मांगों को सामने रख रहा है और चाहता है कि अंकिता को न्याय मिले तथा हत्याकांड से जुड़े अनसुलझे सवालों के जवाब सामने आएं।फिलहाल, परिवार की ओर से राष्ट्रपति से की गई अपील और सीबीआई जांच पूरी होने तक नियुक्ति रोकने की मांग इस मामले के प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं।