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पायलट स्मित मच्छार को भारत रत्न मिले; बहादुरी के मुरीद हुए दिग्गज कांग्रेस नेता
 

 

फ्लाईदुबई की फ्लाइट में को-पायलट के कथित हमले के बावजूद विमान को सुरक्षित उतारने वाले भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की दुनियाभर में चर्चा हो रही है। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट FZ1073 में को-पायलट ने कथित तौर पर कैप्टन स्मित पर हमला कर दिया था। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और ऐसी स्थिति बनाई, जिससे विमान में सवार 174 यात्रियों की जान बचाने में मदद मिली।

घायल होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोला

रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले के दौरान विमान अचानक तेजी से नीचे आने लगा। कैप्टन स्मित मच्छार घायल होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे। इसके बाद यात्रियों और क्रू सदस्यों ने कॉकपिट में पहुंचकर हमलावर को काबू करने में मदद की। विमान को बाद में सऊदी अरब के ताबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया।

इस पूरी घटना के दौरान विमान में मौजूद यात्रियों और अन्य प्रशिक्षित पायलटों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। भारतीय पायलट की सूझबूझ और विमान में मौजूद लोगों की मदद से एक बड़ी दुर्घटना टल गई।

हरीश रावत ने की भारत रत्न देने की मांग

कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की तारीफ करते हुए उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने उन्हें भारत रत्न देने की मांग की है। हरिद्वार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान रावत ने कहा कि स्मित ने अपनी जान जोखिम में डालकर यात्रियों की जान बचाई और देश का सम्मान बढ़ाया। यह मांग हरीश रावत की व्यक्तिगत अपील है, भारत रत्न देने की कोई सरकारी घोषणा नहीं हुई है।

दुनिया भर में हो रही बहादुरी की चर्चा

कैप्टन स्मित मच्छार के साहस की भारत और विदेशों में भी सराहना हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू समेत कई नेताओं ने उनकी भूमिका की प्रशंसा की है। घटना के बाद स्मित का इलाज चल रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई गई है।

फिलहाल को-पायलट के हमले के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है। अधिकारियों की जांच पूरी होने के बाद घटना के कारणों और पूरे घटनाक्रम से जुड़ी अन्य जानकारियां सामने आने की उम्मीद है।