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2 महीने बंद रहेगी पाताल भुवनेश्वर गुफा: 11 अगस्त से श्रद्धालुओं की एंट्री पर रोक, फुटेज में जाने जानें क्या है वजह और धार्मिक मान्यता

 

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित प्रसिद्ध पाताल भुवनेश्वर गुफा मंदिर आगामी 11 अगस्त से 10 अक्टूबर तक श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेगा। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने मानसून के दौरान गुफा में ऑक्सीजन के स्तर में कमी और सुरक्षा संबंधी जोखिमों को देखते हुए यह निर्णय लिया है। मंदिर समिति ने भी श्रद्धालुओं से इस अवधि में यात्रा न करने की अपील की है।

ऑक्सीजन की कमी बनी मुख्य वजह

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भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के अनुसार, बरसात के मौसम में गुफा के भीतर ऑक्सीजन का स्तर सामान्य से कम हो जाता है। साथ ही लगातार बारिश के कारण फिसलन और अन्य प्राकृतिक जोखिम भी बढ़ जाते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए करीब दो महीने तक गुफा को बंद रखने का फैसला लिया गया है।विभाग ने बताया कि मानसून समाप्त होने और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के बाद अक्टूबर में गुफा को दोबारा श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा।

मंदिर समिति ने की अपील

मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे 11 अगस्त से 10 अक्टूबर के बीच पाताल भुवनेश्वर की यात्रा की योजना न बनाएं। समिति ने कहा कि यह निर्णय पूरी तरह श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है।

पौराणिक मान्यताओं से जुड़ी है गुफा

पाताल भुवनेश्वर गुफा केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि अपनी पौराणिक कथाओं के कारण भी बेहद प्रसिद्ध है। गुफा के पुजारी नीलम भंडारी के अनुसार, अयोध्या के राजा ऋतुपर्ण भगवान शिव के परम भक्त थे और उन्होंने ही सबसे पहले इस गुफा की खोज की थी।विभिन्न पौराणिक ग्रंथों और मान्यताओं के अनुसार, राजा ऋतुपर्ण का शासनकाल ईसा पूर्व लगभग 4720 माना जाता है। हालांकि, यह विवरण धार्मिक परंपराओं और पौराणिक मान्यताओं पर आधारित है, जिनकी ऐतिहासिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

चार द्वारों का रहस्य

पाताल भुवनेश्वर गुफा के भीतर चार प्रमुख द्वार होने की मान्यता है। धार्मिक विश्वास के अनुसार ये चारों द्वार सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर और कलियुग का प्रतीक हैं।मान्यता है कि इनमें से तीन द्वार खुले हुए हैं, जबकि एक द्वार अभी बंद है। लोकविश्वास के अनुसार, जिस दिन यह चौथा द्वार खुलेगा, उसी दिन कलियुग का अंत होगा। यह मान्यता धार्मिक परंपरा का हिस्सा है और इसे श्रद्धा के रूप में देखा जाता है।

देशभर से पहुंचते हैं श्रद्धालु

पाताल भुवनेश्वर गुफा उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों में शामिल है। यहां हर वर्ष देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु और पर्यटक दर्शन के लिए पहुंचते हैं। प्राकृतिक चूना-पत्थर की संरचनाओं से बनी यह गुफा अपनी अद्भुत आकृतियों और धार्मिक महत्व के कारण विशेष पहचान रखती है।प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे गुफा के दोबारा खुलने तक आधिकारिक सूचना का इंतजार करें और सुरक्षा नियमों का पालन करें। मानसून समाप्त होने के बाद सुरक्षा जांच पूरी होने पर दर्शन व्यवस्था फिर से शुरू कर दी जाएगी।