कांवड़ यात्रा के दूसरे दिन उमड़ा आस्था का सैलाब, फुटेज में देंखे हरिद्वार से 6 लाख श्रद्धालु गंगाजल लेकर रवाना, कई जगह हादसे टले
कांवड़ यात्रा के दूसरे दिन शनिवार को उत्तराखंड के प्रमुख तीर्थस्थलों हरिद्वार, ऋषिकेश और गंगोत्री में शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बारिश के बावजूद लाखों श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ और वे गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए। प्रशासन के अनुसार, हरिद्वार से अब तक करीब 6 लाख कांवड़िए गंगाजल लेकर निकल चुके हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम यात्रा के लिए पुलिस, एसडीआरएफ और प्रशासन की टीमें लगातार तैनात हैं। यात्रा मार्गों पर चिकित्सा शिविर, यातायात नियंत्रण और राहत व्यवस्था भी सक्रिय रखी गई है।
हरिद्वार में बेहोश हुआ कांवड़िया
हरिद्वार के श्यामपुर डायवर्जन के पास एक कांवड़िया अचानक बेहोश होकर गिर पड़ा। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई और एंबुलेंस की मदद से उसे अस्पताल पहुंचाया। समय रहते उपचार मिलने से उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
गंगोत्री मार्ग पर पत्थर गिरने से श्रद्धालु घायल
उत्तरकाशी जिले के डबरानी क्षेत्र में पहाड़ी से अचानक पत्थर गिरने की घटना में एक कांवड़िया घायल हो गया। प्रशासन ने घायल श्रद्धालु को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और पत्थर गिरने का खतरा बना हुआ है, जिसके चलते यात्रियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
एसडीआरएफ ने दो युवकों की बचाई जान
हरिद्वार के कांगड़ा घाट पर गंगा नदी में स्नान के दौरान दो युवक तेज बहाव में फंस गए। मौके पर तैनात राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) की टीम ने तुरंत रेस्क्यू अभियान चलाकर दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय पर की गई कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया।
पुलिसकर्मियों ने दिखाई मानवता
ऋषिकेश के नीलकंठ महादेव पैदल मार्ग पर एक श्रद्धालु की अचानक तबीयत बिगड़ गई। रास्ता कठिन होने के कारण वाहन वहां तक नहीं पहुंच सका। ऐसे में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने करीब 5 किलोमीटर तक पैदल सहारा देकर श्रद्धालु को मुख्य सड़क तक पहुंचाया, जहां से उसे चिकित्सा सहायता के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिसकर्मियों की इस संवेदनशीलता की श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने सराहना की।
प्रशासन ने जारी की सुरक्षा सलाह
लगातार बारिश और बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं से यात्रा के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि गंगा में निर्धारित स्थानों पर ही स्नान करें, नदी के तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहें और पहाड़ी मार्गों पर मौसम की चेतावनियों का पालन करें।कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। पुलिस, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें चौबीसों घंटे निगरानी कर रही हैं ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और सुचारु रूप से संपन्न हो सके।