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गंगा दशहरा पर हरिद्वार की हर की पैड़ी पर श्रद्धालुओं का उमड़ा जनसैलाब, गंगा स्नान और दान-पुण्य का रहा जोश

 

उत्तराखंड के हरिद्वार में गंगा दशहरा के पावन अवसर पर हर की पैड़ी घाट पर भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंच गए। इस मौके पर श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान, दान-पुण्य और पूजा-अर्चना में हिस्सा लिया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गंगा दशहरा के दिन गंगा नदी में स्नान करने और पुण्य कार्य करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है और पापों से मुक्ति मिलती है।

हर की पैड़ी पर सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोग परिवार और दोस्तों के साथ घाट पर पहुंचे और गंगा की पवित्र जल में स्नान कर आस्था व्यक्त की। कई श्रद्धालुओं ने घाट पर दान-पुण्य भी किया। इस अवसर पर मंदिर और घाट प्रबंधकों ने विशेष प्रबंध किए ताकि भारी भीड़ के बावजूद श्रद्धालुओं को व्यवस्थित रूप से सेवा दी जा सके।

स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया। पुलिस और नागरिक सुरक्षा बल घाट के आस-पास तैनात रहे ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। प्रशासन ने लोगों से कहा कि वे सावधानी से गंगा स्नान करें और व्यक्तिगत सामान और बच्चों का ध्यान रखें।

धार्मिक विद्वानों का कहना है कि गंगा दशहरा का पर्व विशेष रूप से गंगा माता के महत्व को दर्शाता है। इस दिन गंगा नदी में स्नान करने से शारीरिक और मानसिक शुद्धि के साथ-साथ जीवन में सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। कई श्रद्धालुओं ने अपने जीवन में आने वाले कठिनाइयों से मुक्ति के लिए गंगा स्नान और दान किया।

हर की पैड़ी पर घाट और आसपास के क्षेत्रों में पूजा सामग्री की दुकानें और प्रसाद वितरण केंद्र भी सजाए गए थे। श्रद्धालुओं ने पूजा सामग्री खरीदकर गंगा में स्नान और पूजन-अर्चना किया। कुछ लोगों ने घाट पर जल में दीपक और मोमबत्तियां भी प्रवाहित की, जिससे पवित्र वातावरण और बढ़ गया।

इस अवसर पर स्थानीय समाजिक और धार्मिक संगठन भी सक्रिय रहे। उन्होंने वृद्धजनों और जरूरतमंदों के लिए विशेष प्रबंध किए और भोजन और पानी की सुविधाएं उपलब्ध कराईं। प्रशासन और समाजिक संस्थाओं के संयुक्त प्रयास से यह आयोजन शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।

गंगा दशहरा के इस पावन पर्व ने हरिद्वार के हर की पैड़ी घाट पर धार्मिक आस्था और जनसांस्कृतिक उत्साह का अनूठा दृश्य प्रस्तुत किया। श्रद्धालुओं ने आस्था और भक्ति के साथ इस पर्व को मनाया और गंगा माता के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट की।