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उत्तराखंड के जंगलों में भीषण आग: मसूरी के बाद चकराता धधका, एक दिन में 250 से ज्यादा फायर अलर्ट जारी

 

बढ़ते तापमान और शुष्क मौसम के बीच उत्तराखंड के वन क्षेत्रों में आगजनी की घटनाएं लगातार चिंता का कारण बनी हुई हैं। हालात यह हैं कि एक ओर जहां मसूरी के जंगलों में आग की घटनाओं ने प्रशासन को सतर्क कर रखा है, वहीं अब चकराता के घने वन क्षेत्रों में भी आग तेजी से फैलने लगी है। इन घटनाओं ने वन विभाग और आपदा प्रबंधन तंत्र की चुनौती को और बढ़ा दिया है।

सूत्रों के अनुसार, पिछले 24 घंटों के भीतर राज्य में 250 से अधिक फायर अलर्ट दर्ज किए गए हैं, जो इस सीजन में सबसे अधिक बताए जा रहे हैं। लगातार बढ़ते तापमान, सूखी पत्तियों और हवा की तेज रफ्तार ने आग को और भड़काने का काम किया है।

मसूरी क्षेत्र के आसपास के जंगलों में आग की शुरुआती घटनाओं के बाद अब Chakrata के वन क्षेत्रों में भी कई जगहों पर आग फैलने की पुष्टि हुई है। घने जंगलों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण आग बुझाने में टीमों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

वन विभाग की टीमों के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन और दमकल कर्मियों को भी मौके पर तैनात किया गया है। कई स्थानों पर आग को नियंत्रित करने के लिए पैदल ही जंगलों के भीतर पहुंचकर प्रयास किए जा रहे हैं, क्योंकि कई इलाके वाहन मार्ग से दूर हैं। हवा की दिशा बदलने के कारण आग बार-बार फैल रही है, जिससे स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो गई है।

अधिकारियों का कहना है कि आग की घटनाओं पर नजर रखने के लिए निगरानी प्रणाली को मजबूत किया गया है और ड्रोन व अन्य तकनीकी साधनों की मदद भी ली जा रही है। इसके बावजूद कई स्थानों पर आग पर पूरी तरह काबू पाने में समय लग रहा है।

इस बीच विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि आने वाले दिनों में बारिश नहीं होती है तो जंगलों में आगजनी की घटनाएं और बढ़ सकती हैं। सूखे मौसम में छोटी सी चिंगारी भी बड़े वन क्षेत्र को प्रभावित कर सकती है।

वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे जंगलों के आसपास आग न जलाएं, बीड़ी-सिगरेट आदि का प्रयोग सावधानी से करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें। साथ ही पर्यटकों को भी जंगल क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

उत्तराखंड के विभिन्न वन क्षेत्रों में हर साल गर्मियों के मौसम में आग की घटनाएं सामने आती हैं, लेकिन इस बार लगातार बढ़ती संख्या ने चिंता और अधिक बढ़ा दी है। मसूरी और चकराता जैसे पर्यटन और जैव विविधता से भरपूर क्षेत्रों में आग लगना पर्यावरण और वन्यजीवों दोनों के लिए गंभीर खतरा माना जा रहा है।

फिलहाल राहत और बचाव टीमें लगातार आग पर काबू पाने में जुटी हैं, लेकिन बदलते मौसम और भौगोलिक परिस्थितियां अभियान को कठिन बना रही हैं। प्रशासन ने स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने की बात कही है।