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हल्द्वानी ‘शुद्धिकरण’ पर खड़गे का मोदी-शाह से सवाल, ‘अगर मोदी दलित होते तो क्या ऐसे ही चुप रहते?’ वीडियो में जाने नड्डा से FIR की मांग

 

 

हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद हुए कथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर सियासी विवाद बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष ने अब वीडियो जारी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। खड़गे ने पूछा कि अगर प्रधानमंत्री मोदी दलित होते और उनके साथ इस तरह की घटना होती, तो क्या वे तब भी चुप रहते?

खड़गे ने कहा कि यह मामला सिर्फ उनके या कांग्रेस के बारे में नहीं है, बल्कि सामाजिक सम्मान और संविधान के मूल्यों से जुड़ा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना को 24 दिन बीत जाने के बावजूद जिम्मेदार लोगों और संगठनों के खिलाफ FIR दर्ज नहीं की गई है।

नड्डा को पत्र लिखकर FIR की मांग

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खड़गे ने बुधवार को राज्यसभा में सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने नड्डा को राज्यसभा में दिए गए उनके आश्वासन की याद दिलाते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को निर्देश देने की मांग की।खड़गे ने कहा कि 24 दिन बीतने के बाद भी हल्द्वानी में कथित ‘शुद्धिकरण’ में शामिल लोगों और संगठनों के खिलाफ FIR दर्ज नहीं हुई है। उन्होंने नड्डा से मामले में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित कराने का आग्रह किया।

13 अगस्त को राज्यसभा में उठा था मामला

खड़गे के मुताबिक, उन्होंने 13 अगस्त को राज्यसभा में हल्द्वानी की घटना का मुद्दा उठाया था। उस दौरान नड्डा ने घटना को दुखद बताते हुए जांच और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया था।खड़गे ने अपने पत्र में इसी आश्वासन का हवाला देते हुए कहा कि अब तक FIR तक दर्ज नहीं होने से उन्हें हैरानी है। उन्होंने मांग की कि घटना में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाए।

8 अगस्त को हुई थी खड़गे की जनसभा

यह विवाद 8 अगस्त 2026 को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुई खड़गे की जनसभा के बाद सामने आया था। कांग्रेस का आरोप है कि खड़गे के कार्यक्रम के बाद इसी स्थान पर कथित तौर पर पूजा-पाठ और हवन कर ‘शुद्धिकरण’ किया गया।कांग्रेस ने इसे जातिगत भेदभाव और छुआछूत की मानसिकता से जोड़ते हुए विरोध जताया है। वहीं, इस घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार जारी है।

‘यह सिर्फ मेरा निजी मामला नहीं’

खड़गे ने कहा कि इस घटना को केवल कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर उनके अपमान से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, यह मामला उन करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ा है, जो जातिगत भेदभाव जैसी परिस्थितियों का सामना करते हैं।उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के दौर की एक घटना का भी जिक्र किया और कहा कि सामाजिक भेदभाव के खिलाफ लड़ाई आज भी जरूरी है।

मोदी-शाह की चुप्पी पर उठाए सवाल

खड़गे ने अपने वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की चुप्पी पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि देश में कानून और संविधान से जुड़े ऐसे मामले सामने आने पर केंद्र के शीर्ष नेताओं को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।खड़गे ने सवाल किया कि अगर ऐसी घटना का सामना प्रधानमंत्री खुद करते और वे दलित होते, तो क्या उनकी प्रतिक्रिया भी यही होती। उन्होंने इस मामले में जल्द कार्रवाई की मांग दोहराई है।फिलहाल कांग्रेस की ओर से FIR और कार्रवाई की मांग जारी है। वहीं, मामले में आगे प्रशासन या पुलिस की ओर से क्या कदम उठाया जाता है, इस पर नजर बनी हुई है।