जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क: फुटेज में जानें उम्रदराज नर बाघ ‘विक्रम’ का निधन, वन्यजीव जगत में छोड़ी गहरी छाप
उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क के ढेला रेंज रेस्क्यू सेंटर से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां लंबे समय से कैद में रखे गए नर बाघ ‘विक्रम’ की मौत हो गई है। विक्रम को देश के सबसे उम्रदराज बाघों में गिना जाता था, जिसने लगभग 21 वर्ष की आयु तक जीवित रहकर एक दुर्लभ रिकॉर्ड कायम किया।
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, आमतौर पर जंगली बाघों की औसत आयु इससे काफी कम होती है। ऐसे में विक्रम का दो दशक से अधिक समय तक जीवित रहना अपने आप में एक असाधारण उपलब्धि माना जा रहा है। उसकी लंबी उम्र और व्यवहार ने उसे वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक चर्चित नाम बना दिया था।
हालांकि विक्रम की पहचान केवल उसकी उम्र तक सीमित नहीं थी, बल्कि वह अपने आक्रामक स्वभाव और ‘खूंखार शिकारी’ के रूप में भी जाना जाता था। वर्ष 2019 में ढिकाला जोन में इस बाघ ने तीन वनकर्मियों पर हमला कर उन्हें अपना शिकार बना लिया था। इस घटना के बाद क्षेत्र में दहशत फैल गई थी और सुरक्षा के लिहाज से इसे बेहद गंभीर मामला माना गया था।
उस समय स्थिति को देखते हुए वन विभाग ने फैसला लिया कि विक्रम को खुले जंगल में छोड़ना बेहद जोखिम भरा हो सकता है। इसी कारण उसे जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क के ढेला रेंज स्थित रेस्क्यू सेंटर में स्थानांतरित कर दिया गया। तब से लेकर लगभग सात वर्षों तक वह वहीं कैद में रहा और वन विभाग की निगरानी में उसका जीवन चलता रहा।
रेस्क्यू सेंटर में रखे जाने के दौरान विशेषज्ञ उसकी स्वास्थ्य स्थिति और व्यवहार पर लगातार नजर रखते रहे। उम्र बढ़ने के साथ उसके स्वास्थ्य में धीरे-धीरे गिरावट आने लगी थी। अंततः उसने अपने लंबे जीवन की यात्रा यहीं समाप्त कर दी।
विक्रम की मौत के बाद वन्यजीव विशेषज्ञ और पार्क प्रशासन इस घटना को एक महत्वपूर्ण क्षति के रूप में देख रहे हैं। उनका कहना है कि विक्रम जैसे बाघ वन्यजीव इतिहास में दुर्लभ उदाहरण होते हैं, जो मानव-वन्यजीव संघर्ष और संरक्षण दोनों ही दृष्टिकोण से अध्ययन का विषय बनते हैं।
जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क, जो भारत के सबसे पुराने और प्रसिद्ध टाइगर रिजर्व्स में से एक है, हमेशा से ऐसे कई अनोखे बाघों और वन्यजीव घटनाओं के लिए जाना जाता रहा है। विक्रम की कहानी भी अब इसी इतिहास का हिस्सा बन गई है, जो लंबे समय तक याद की जाएगी।